बैंकिंग सेक्टर से एक के बाद एक चौंकाने वाली खबरें सामने आ रही हैं। अभी आईडीएफसी फर्स्ट बैंक (IDFC First Bank) की चंडीगढ़ शाखा में हुए 590 करोड़ रुपये के घोटाले की गूंज शांत भी नहीं हुई थी कि अब यस बैंक (Yes Bank) के ग्राहकों को तगड़ा झटका लगा है। जहाँ आईडीएफसी मामले में सरकारी खातों से छेड़छाड़ हुई थी, वहीं यस बैंक का यह मामला सीधे आम जनता के फॉरेक्स कार्ड (Forex Card) और उनकी मेहनत की कमाई से जुड़ा है। इस ताज़ा साइबर हमले ने डिजिटल बैंकिंग की सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
कैसे रातों-रात विदेशी खातों में पहुँच गए करोड़ों रुपये?
यह पूरी घटना यस बैंक के ‘मल्टी-करेंसी प्रीपेड फॉरेक्स कार्ड’ सिस्टम से जुड़ी है, जिसे ‘बुकमायफॉरेक्स’ (BookMyForex) के साथ साझेदारी में जारी किया गया था। साइबर हमलावरों ने 24 फरवरी, 2026 की तड़के इस बड़ी वारदात को अंजाम दिया। जब लोग गहरी नींद में सो रहे थे, ठीक उसी वक्त यानी सुबह 3:30 बजे से 8:30 बजे के बीच एक लैटिन अमेरिकी देश के 15 मर्चेंट खातों पर अवैध ट्रांजैक्शन शुरू हो गए। बैंक की आंतरिक जांच में पता चला है कि करीब 5,000 ग्राहकों के खातों से जालसाजों ने 0.28 मिलियन डॉलर यानी लगभग 2.54 करोड़ रुपये पार कर दिए हैं।
हैकर्स ने सुरक्षा की इस बड़ी खामी का उठाया फायदा
जांच में सामने आया है कि साइबर अपराधियों ने बैंक आइडेंटिफिकेशन नंबर (BIN) की कमजोरी को अपना हथियार बनाया। जिस लैटिन अमेरिकी देश (माना जा रहा है कि ब्राज़ील) से ये लेनदेन हुए, वहां ई-कॉमर्स खरीदारी के लिए टू-फैक्टर ऑथेंटिकेशन (2FA) या ओटीपी (OTP) की जरूरत नहीं पड़ती। इसी भौगोलिक सुरक्षा चूक का फायदा उठाकर हैकर्स ने बिना किसी रुकावट के धड़ाधड़ कई ट्रांजैक्शन अप्रूव करवा लिए। ग्राहकों को जब तक भनक लगती, उनकी गाढ़ी कमाई सात समंदर पार जा चुकी थी।
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बैंक की फुर्ती से टला और भी बड़ा नुकसान
राहत की बात यह रही कि यस बैंक के ‘फ्रॉड मॉनिटरिंग सिस्टम’ ने प्रीपेड फॉरेक्स कार्ड के लेनदेन में अचानक आई इस संदिग्ध तेजी को भांप लिया। बैंक के सुरक्षा तंत्र ने तुरंत एक्शन लेते हुए 688 अनधिकृत ट्रांजैक्शन को ब्लॉक कर दिया। बैंक की इस त्वरित कार्रवाई की वजह से करीब 0.1 मिलियन डॉलर (लगभग 90 लाख रुपये) सुरक्षित बच गए, वरना नुकसान का आंकड़ा और भी बड़ा हो सकता था।
क्या प्रभावित ग्राहकों को वापस मिलेगा अपना पैसा?
यस बैंक ने अपने ग्राहकों को भरोसा दिलाया है कि वे घबराएं नहीं। बैंक प्रभावित ग्राहकों के वित्तीय नुकसान की भरपाई के लिए कार्ड नेटवर्क के साथ मिलकर ‘चार्ज-बैक’ (Charge-back) की प्रक्रिया पर तेजी से काम कर रहा है। सुरक्षा के लिहाज से बैंक ने उस लैटिन अमेरिकी देश से होने वाले सभी ई-कॉमर्स लेनदेन को फिलहाल पूरी तरह बैन कर दिया है। बैंक लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए है ताकि भविष्य में ऐसी सेंधमारी दोबारा न हो सके।