चमोली: उत्तराखंड के चमोली जिले में जोशीमठ के औली रोड पर स्थित सेना के एक महत्वपूर्ण कैंप में शुक्रवार दोपहर अचानक भीषण आग लग गई। यह कैंप सामरिक दृष्टि से बेहद अहम है, क्योंकि यह भारत-चीन सीमा के निकट स्थित है। घटना के समय कैंप में 100 से अधिक जवान मौजूद थे। आग की लपटें इतनी ऊंची थीं कि दूर-दूर तक काले धुएं का गुबार दिखाई दिया, जिससे आसपास के इलाकों में दहशत फैल गई। सौभाग्य से इस हादसे में कोई जानी नुकसान नहीं हुआ, लेकिन कई स्टोर और रखे सामान जलकर खाक हो गए।
दोपहर 2 बजे शुरू हुई आग, तेज हवाओं ने बढ़ाया संकट
घटना की शुरुआत दोपहर करीब 2 बजे हुई, जब कैंप के स्टोर क्षेत्र में एक छोटी चिंगारी भड़की। पहाड़ी इलाका होने और तेज हवाएं चलने के कारण आग ने मिनटों में विकराल रूप ले लिया। स्टोर में रखे जरूरी उपकरण, सामग्री और अन्य वस्तुओं ने आग को और भड़काया। सेना के जवानों ने तुरंत मोर्चा संभाला और आग बुझाने का प्रयास शुरू किया। सूचना मिलते ही फायर ब्रिगेड की कई गाड़ियां मौके पर पहुंचीं। करीब एक से डेढ़ घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया गया। जिला प्रशासन और सेना के अधिकारी मौके पर पहुंचे और स्थिति का जायजा लिया।
जांच जारी, नुकसान का आकलन और सतर्कता
आग लगने के सटीक कारणों का अभी पता नहीं चल सका है, लेकिन प्राथमिक जांच में शॉर्ट सर्किट की आशंका जताई जा रही है। सेना और स्थानीय प्रशासन मिलकर मामले की गहन जांच कर रहे हैं। नुकसान लाखों रुपये में बताया जा रहा है, हालांकि सटीक आंकड़े आने बाकी हैं। जोशीमठ क्षेत्र पहले से ही भू-धंसाव जैसी प्राकृतिक आपदाओं से प्रभावित रहा है, ऐसे में यह घटना सुरक्षा के लिहाज से और गंभीर हो जाती है। सेना के अधिकारियों ने कहा कि कैंप में सुरक्षा व्यवस्था बढ़ा दी गई है और कूलिंग ऑपरेशन जारी है। यह हादसा एक बड़ा संकट टलने का उदाहरण है, क्योंकि समय पर कार्रवाई से आगे का नुकसान रोका गया।