कोलकाता नाइट राइडर्स (KKR) द्वारा बांग्लादेशी तेज गेंदबाज मुस्तफिजुर रहमान को IPL 2026 के लिए 9.20 करोड़ रुपये में खरीदने के फैसले ने बड़ा विवाद खड़ा कर दिया है। टीम के सह-मालिक शाहरुख खान पर कई राजनीतिक नेताओं और धार्मिक गुरुओं ने तीखे हमले किए हैं, उन्हें ‘गद्दार’ तक कह दिया गया। यह विवाद बांग्लादेश में हिंदू अल्पसंख्यकों पर कथित अत्याचारों की पृष्ठभूमि में उभरा है, जिससे IPL जैसे खेल आयोजन को राजनीति से जोड़ दिया गया।
IPL नीलामी में मुस्तफिजुर की रिकॉर्ड खरीद
IPL 2026 की मिनी नीलामी दिसंबर 2025 में अबू धाबी में हुई थी। मुस्तफिजुर रहमान का आधार मूल्य 2 करोड़ रुपये था, लेकिन दिल्ली कैपिटल्स और चेन्नई सुपर किंग्स के बीच तगड़ी बोली लगी। अंत में KKR ने 9.20 करोड़ रुपये की बोली लगाकर उन्हें अपनी टीम में शामिल कर लिया। इससे मुस्तफिजुर IPL इतिहास के सबसे महंगे बांग्लादेशी खिलाड़ी बन गए।
मुस्तफिजुर ने IPL में पहले सनराइजर्स हैदराबाद, मुंबई इंडियंस, राजस्थान रॉयल्स, चेन्नई सुपर किंग्स और दिल्ली कैपिटल्स जैसी टीमों के लिए खेला है। 60 मैचों में उन्होंने 65 विकेट लिए हैं, इकोनॉमी रेट 8.13 का रहा है। उनकी कटर गेंदें और डेथ ओवरों में प्रभावी गेंदबाजी उन्हें खतरनाक बनाती है। KKR के लिए यह खरीद उनकी गेंदबाजी को मजबूत करने की रणनीति का हिस्सा थी।
नीलामी में सात बांग्लादेशी खिलाड़ी शामिल थे, लेकिन केवल मुस्तफिजुर ही बिके। अन्य जैसे तस्कीन अहमद, शोरिफुल इस्लाम और रिशाद हुसैन अनसोल्ड रहे। इससे साफ है कि कई फ्रेंचाइजी मुस्तफिजुर की क्षमता को पहचानती थीं, इसलिए बोली इतनी ऊंची चली गई।
विवाद की वजह: बांग्लादेश में अत्याचार और राजनीतिक बयान
नीलामी के तुरंत बाद ज्यादा विवाद नहीं हुआ, लेकिन जनवरी 2026 में यह अचानक बढ़ गया। बांग्लादेश में हिंदू अल्पसंख्यकों पर हमलों की खबरों ने माहौल गरमाया। BJP नेता संगीत सोम ने शाहरुख खान को ‘गद्दार’ कहा और आरोप लगाया कि वे भारत में कमाते हैं लेकिन बांग्लादेश जैसे देश में पैसा निवेश कर रहे हैं। सोम ने कहा, “ऐसे गद्दारों को देश में रहने का हक नहीं।”
धार्मिक गुरु देवकीनंदन ठाकुर और जगद्गुरु स्वामी रामभद्राचार्य ने भी KKR और शाहरुख पर हमला बोला। इमाम उमर अहमद इल्यास ने शाहरुख से बांग्लादेश में अत्याचारों की निंदा करने और मुस्तफिजुर को हटाने की मांग की। शिवसेना (UBT) नेता आनंद दुबे ने बांग्लादेशी खिलाड़ियों को IPL से बैन करने की बात कही। कुछ नेताओं ने कोलकाता में मैचों के दौरान विरोध की धमकी तक दी।
कांग्रेस ने शाहरुख का बचाव किया। नेता मणिकम टैगोर ने इसे ‘भारतीय बहुलवाद पर हमला’ बताया। कुछ मुस्लिम संगठनों ने भी कहा कि चिंता जायज हो सकती है, लेकिन शाहरुख को गद्दार कहना गलत है।
BCCI का फैसला: मुस्तफिजुर को रिलीज करने का निर्देश
विवाद बढ़ने पर BCCI ने हस्तक्षेप किया। 3 जनवरी 2026 को BCCI सचिव देवजीत सैकिया ने कहा कि “हालिया घटनाक्रमों” के कारण KKR को मुस्तफिजुर रहमान को अपनी स्क्वॉड से रिलीज करने का निर्देश दिया गया है। BCCI ने यह भी कहा कि अगर KKR चाहे तो रिप्लेसमेंट खिलाड़ी ले सकता है।
यह फैसला विवाद को शांत करने और IPL की छवि बचाने के लिए लिया गया लगता है। KKR ने अभी तक कोई आधिकारिक बयान नहीं दिया है। क्रिकेट विशेषज्ञों का मानना है कि खेल को राजनीति से अलग रखना चाहिए, लेकिन वर्तमान माहौल में ऐसा मुश्किल हो रहा है।
यह घटना दिखाती है कि कैसे खेल और राजनीति आपस में जुड़ जाते हैं। IPL 2026 मार्च-अप्रैल में शुरू होगा, तब तक देखना होगा कि KKR नई रणनीति क्या अपनाती है। मुस्तफिजुर जैसे प्रतिभाशाली खिलाड़ी के लिए यह दुर्भाग्यपूर्ण है, लेकिन विवाद ने पूरे क्रिकेट जगत को प्रभावित किया है।