मुरादाबाद। उत्तर प्रदेश के जनपद मुरादाबाद के शरीफ नगर इलाके में पिछले काफी समय से बंदरों का आतंक इस कदर बढ़ गया था कि लोगों का जीना मुहाल हो चुका था। आए दिन बंदरों के हमलों और उनकी धमाचौकड़ी से ग्रामीण बेहद परेशान थे और घरों से बाहर निकलने में भी कतराने लगे थे। बंदरों का यह खौफनाक आतंक कम होने का नाम ही नहीं ले रहा था। लेकिन अब ग्रामीणों को इस आफत से बड़ी राहत मिल गई है। ग्रामीणों की इस भारी परेशानी और दर्द को देखते हुए ग्राम प्रधान पति गयासुद्दीन नवाब ने एक बड़ा कदम उठाया और सीधे मथुरा से बंदरों को पकड़ने वाली एक एक्सपर्ट टीम को गांव बुला लिया।
मथुरा से आई इस स्पेशल रेस्क्यू टीम ने गांव में कदम रखते ही अपना मोर्चा संभाला और बंदरों को घेरने की फुलप्रूफ प्लानिंग तैयार की। टीम ने सूझबूझ और कड़े नेटवर्क के जरिए अब तक इलाके से लगभग 200 से ज्यादा खूंखार और उत्पाती बंदरों को रेस्क्यू कर पिंजरे में कैद कर लिया है।
पानी की टंकी पर बिछाया गया जाल, ऐसे जाल में फंसे उत्पाती बंदर
शरीफ नगर में बंदरों की फौज ने सबसे बड़ा ठिकाना पानी की टंकी और उसके आसपास के ऊंचे इलाकों को बना रखा था। यहीं से बंदर पूरे गांव पर हमला बोलते थे। मथुरा से आई स्पेशल रेस्क्यू टीम ने इसी कमजोरी को भांप लिया। टीम ने सबसे पहले शरीफ नगर की पानी की टंकी और उसके आसपास के पूरे क्षेत्र में बड़े-बड़े पिंजरे लगाए। इसके बाद खाने का लालच देकर बंदरों को एक-एक कर पिंजरों की तरफ आकर्षित किया गया और देखते ही देखते सैकड़ों बंदरों को पिंजरे में कैद कर लिया गया।
प्रधान पति की मुस्तैदी रंग लाई, ग्रामीणों ने ली राहत की सांस
शरीफ नगर में बंदरों के आतंक की वजह से बच्चों का स्कूल जाना और महिलाओं का छतों पर कदम रखना तक दूभर हो गया था। जब सरकारी विभागों से कोई ठोस मदद नहीं मिली, तो ग्राम प्रधान पति गयासुद्दीन नवाब ने खुद कमान संभाली। उन्होंने मथुरा की इस पेशेवर टीम को अपने निजी प्रयासों से आमंत्रित किया। टीम के आते ही बंदरों को पकड़ने का अभियान युद्ध स्तर पर चलाया गया। इतने बड़े पैमाने पर बंदरों के पकड़े जाने के बाद अब शरीफ नगर के लोगों ने राहत की सांस ली है और पूरे इलाके में काफी हद तक सुकून का माहौल है। ग्रामीणों ने इस शानदार कार्य के लिए ग्राम प्रधान पति और रेस्क्यू टीम का दिल से आभार जताया है।