महाराष्ट्र के पंढरपुर से एक बेहद दिल दहला देने वाली खबर सामने आई है। यहां सिद्धनाथ मंदिर में दर्शन कर लौट रहे श्रद्धालुओं से भरी एक पिकअप वैन अनियंत्रित होकर सीधे एक गहरे कुएं में जा गिरी। इस भयानक हादसे में 8 लोगों की दर्दनाक मौत हो गई है। हादसे के बाद मौके पर चीख-पुकार मच गई और अफरा-तफरी का माहौल पैदा हो गया। इस दर्दनाक घटना ने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया है, क्योंकि मृतकों और घायलों में एक ही परिवार के कई सदस्य शामिल हैं, जिनमें महिलाएं और बच्चे भी हैं।
जब सब सहमे थे, तब देवदूत बनकर कूदा इरफान
इस खौफनाक मंजर के बीच एक ऐसा चेहरा सामने आया जिसने इंसानियत और बहादुरी की मिसाल पेश की। हादसे के तुरंत बाद जहां हर तरफ चीख-पुकार मची थी और लोग सहमे हुए थे, वहीं स्थानीय युवक इरफान मुजावर ने अपनी जान की परवाह किए बिना तुरंत एक्शन लिया। इरफान ने बिना एक पल गंवाए गहरे कुएं में छलांग लगा दी। उसने मलबे और पानी के बीच से एक-एक कर 5 लोगों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया। अगर इरफान ने सही समय पर यह जांबाजी न दिखाई होती, तो मौतों का यह आंकड़ा और भी खौफनाक हो सकता था। आज पूरा इलाका इरफान की इस बहादुरी को सलाम कर रहा है।
एक ही हंसते-खेलते परिवार पर टूटा दुखों का पहाड़
यह हादसा कितना भयानक था, इसका अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि इसमें जान गंवाने वाले और घायल होने वाले लोग आपस में रिश्तेदार थे। सिद्धनाथ मंदिर में माथा टेकने के बाद पूरा परिवार खुशी-खुशी घर लौट रहा था, लेकिन किसे पता था कि रास्ते में मौत उनका इंतजार कर रही है। इस हादसे ने हंसते-खेलते परिवार को कभी न भूलने वाला जख्म दे दिया है। अस्पताल में घायलों का इलाज चल रहा है, जहां अपनों को खोने का गम और चीखें सुनकर हर किसी की आंखें नम हैं।
प्रशासन की लापरवाही पर भड़के लोग, पहले ही दी थी चेतावनी
इस दर्दनाक हादसे के बाद अब स्थानीय लोगों का गुस्सा फूट पड़ा है। ग्रामीणों का कहना है कि यह हादसा टाला जा सकता था। जिस कुएं में यह पिकअप वैन गिरी, वहां लंबे समय से सुरक्षा दीवार (बाउंड्री वॉल) बनाने की मांग की जा रही थी। स्थानीय निवासियों ने कई बार प्रशासन को इस खतरे से आगाह किया था और कुएं के घेराव की मांग की थी, लेकिन अधिकारियों ने इस पर कोई ध्यान नहीं दिया। लोगों का आरोप है कि प्रशासन की इसी लापरवाही और अनदेखी ने आज 8 मासूमों की जान ले ली।