रामपुर: समाजवादी पार्टी (सपा) के वरिष्ठ नेता और राष्ट्रीय महासचिव आजम खान ने एक बार फिर कानूनी मोर्चे पर बड़ी हलचल बढ़ा दी है। तत्कालीन जिलाधिकारी (DM) को ‘तन्खईया’ (तनख्वाह पर काम करने वाला) बताने और विवादित टिप्पणी करने के मामले में निचली अदालत से मिली दो साल की सजा के फैसले को आजम खान ने चुनौती दी है। उन्होंने अपने अधिवक्ता के माध्यम से जिला एवं सत्र न्यायाधीश (डिस्ट्रिक्ट एंड सेशंस जज) के न्यायालय में एक अपील दाखिल की है, जिसमें निचली अदालत के फैसले को खारिज करने की मांग की गई है।
अब एमपी-एमएलए स्पेशल कोर्ट में होगी मामले की सुनवाई
आजम खान की इस अपील पर संज्ञान लेते हुए जिला एवं सत्र न्यायाधीश न्यायालय ने राज्य सरकार को नोटिस जारी कर दिया है। अदालत ने इस मामले में अगली सुनवाई के लिए 2 जुलाई की तारीख तय की है। कानूनी प्रक्रिया के तहत, इस अपील पर आगे की बहस और सुनवाई के लिए अब पूरी पत्रावली (केस फाइल) को एमपी-एमएलए स्पेशल कोर्ट (सेशन ट्रायल) में ट्रांसफर किया जाएगा, जहां इस पर विस्तार से सुनवाई होगी।
साल 2019 के लोकसभा चुनाव और उस विवादित वीडियो का सच
यह पूरा मामला वर्ष 2019 के लोकसभा चुनाव प्रचार के दौरान का है, जब आजम खान पहली बार रामपुर सीट से लोकसभा चुनाव लड़ रहे थे। उस समय उत्तर प्रदेश में समाजवादी पार्टी (सपा) और बहुजन समाज पार्टी (बसपा) का गठबंधन था। चुनाव प्रचार के दौरान आजम खान के बयानों को लेकर काफी विवाद हुआ था, जिसके चलते उनके खिलाफ आचार संहिता उल्लंघन (Model Code of Conduct Violation) के कई मुकदमे दर्ज किए गए थे। चुनाव आयोग ने तो उनके प्रचार करने पर भी पाबंदी लगा दी थी।
इसी दौरान रामपुर के भोट थाने में तत्कालीन एसडीएम घनश्याम त्रिपाठी की ओर से एक एफआईआर दर्ज कराई गई थी। शिकायत में कहा गया था कि आजम खान का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था, जिसमें वह अपनी गाड़ी पर खड़े होकर लाउडस्पीकर से जनता को संबोधित कर रहे थे।
“यह कलक्टर-पलक्टर से मत डरियो…” जानिए क्या था पूरा बयान
वायरल वीडियो में आजम खान ने मंच से अधिकारियों को लेकर बेहद तीखी और विवादित टिप्पणी की थी। उन्होंने वहां मौजूद भीड़ और समर्थकों से कहा था:
“डटे रहो। यह कलक्टर-पलक्टर से मत डरियो। यह तनखइया हैं। तनखइयों से नहीं डरते हैं। देखे हैं मायावती जी के फोटो? कैसे बड़े-बड़े अफसर रुमाल निकालकर जूते साफ करते हैं! उन्हीं से गठबंधन है। उनके ही जूते साफ कराऊंगा इनसे अल्लाह ने चाहा।”
इसी भाषण को आधार बनाकर निचली अदालत ने उन्हें दोषी मानते हुए दो साल की सजा सुनाई थी, जिसके खिलाफ अब आजम खान के वकील विनोद कुमार शर्मा ने शुक्रवार को जिला जज की अदालत में अपील दायर की है। अब देखना होगा कि 2 जुलाई को होने वाली सुनवाई में आजम खान को इस सजा से राहत मिलती है या नहीं।