लखनऊ/मुरादाबाद: उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2026 में अब 6 महीने से भी कम का वक्त बचा है। ऐसे में सूबे का सियासी पारा अभी से सातवें आसमान पर पहुंच गया है। नेताओं के बीच शह और मात का खेल शुरू हो चुका है। पिछले कुछ दिनों से सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी (सुभासपा) के मुखिया और पंचायती राज मंत्री ओम प्रकाश राजभर लगातार दावा कर रहे हैं कि समाजवादी पार्टी (सपा) में बहुत जल्द बड़ी टूट होने वाली है। लेकिन अब इस पूरी कहानी में एक ऐसा नया और धमाकेदार ट्विस्ट आ गया है, जिसने यूपी की राजनीति में हड़कंप मचा दिया है।
राजभर के दावे पर रुचि वीरा का करारा पलटवार
इस सियासी ड्रामे के बीच मुरादाबाद से समाजवादी पार्टी की तेजतर्रार सांसद रुचि वीरा ने एक ऐसा बयान दे दिया है, जिसने राजभर के दावों की हवा निकाल दी है। ओपी राजभर के सपा टूटने के दावों पर तीखा पलटवार करते हुए रुचि वीरा ने कहा कि फिलहाल राजभर के बयानों या उनके ट्वीट को गंभीरता से लेने की रत्ती भर भी जरूरत नहीं है। इसके साथ ही उन्होंने एक बहुत बड़ा और चौंकाने वाला दावा कर दिया। रुचि वीरा ने कहा कि जो राजभर आज सपा को तोड़ने का दम भर रहे हैं, वह खुद अंदरखाने समाजवादी पार्टी में शामिल होने के लिए छटपटा रहे हैं और सपा में आने के इच्छुक हैं। इस बयान के बाद से ही राजनीतिक गलियारों में कयासों का दौर शुरू हो गया है।
घर के ही नेता पर भड़कीं सांसद, अखिलेश से गुहार
एक तरफ जहां रुचि वीरा विरोधियों पर हमलावर थीं, वहीं दूसरी तरफ उन्होंने अपनी ही पार्टी के भीतर चल रही गुटबाजी को भी सरेआम कर दिया। मुरादाबाद में हुए सपा के ‘पीडीए (PDA) सम्मेलन’ को लेकर सांसद रुचि वीरा का गुस्सा फूट पड़ा। उन्होंने नाराजगी जताते हुए कहा कि मुरादाबाद की सांसद होने के बावजूद उन्हें इस इतने बड़े सम्मेलन की कोई जानकारी तक नहीं दी गई। हद तो तब हो गई जब सम्मेलन के होर्डिंग और बैनर से उनकी तस्वीर ही गायब कर दी गई। रुचि वीरा ने बिना नाम लिए सपा के ही एक बड़े स्थानीय नेता पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि हमारे ही एक नेता साजिश के तहत जिले में गुटबाजी को बढ़ावा दे रहे हैं। उन्होंने साफ कहा कि वह इस मामले को लेकर सीधे पार्टी मुखिया अखिलेश यादव से बात करेंगी और कहेंगी कि ऐसे साजिशी नेताओं से मुरादाबाद जिले को बचाएं। सांसद के इस तीखे तेवर के बाद मुरादाबाद सपा के अंदर की खींचतान अब पूरी तरह से चौराहे पर आ गई है।
बागी बालिया का लाल और सनातन पांडेय का संन्यास वाला चैलेंज
आपको बता दें कि यह पूरा विवाद तब शुरू हुआ जब सुभासपा अध्यक्ष ओम प्रकाश राजभर पिछले कई दिनों से लगातार मीडिया में बयान दे रहे थे कि सपा में बड़ी बगावत होने वाली है। राजभर ने यहां तक कह दिया था कि समाजवादी पार्टी में यह ऐतिहासिक टूट ‘बागी बलिया का लाल’ करेगा। उनका इशारा सीधे तौर पर बलिया से सपा सांसद सनातन पांडेय की तरफ था।
अब भला सनातन पांडेय कहां चुप बैठने वाले थे! उन्होंने राजभर के इस दावे को पूरी तरह से हास्यास्पद और मजाकिया करार दिया। सनातन पांडेय ने चुटकी लेते हुए कहा कि उन्हें ‘अंतरराष्ट्रीय स्तर’ पर इतना प्रख्यात करने के लिए वह राजभर जी को धन्यवाद देते हैं। इसके साथ ही उन्होंने एक बड़ा चैलेंज देते हुए कहा कि यदि वह कभी भी समाजवादी पार्टी से बागी हुए, तो वह सक्रिय राजनीति से हमेशा-हमेशा के लिए संन्यास ले लेंगे। सनातन पांडेय ने भावुक होते हुए कहा कि समाजवादी पार्टी ने ही उन्हें आज इस मुकाम पर पहुंचाया है और सब-कुछ दिया है, इसलिए उन्हें सपा से कोई भी माई का लाल अलग नहीं कर सकता।