मच्छी बाजार इलाके में हुई गुंजन की बेरहम हत्या ने पूरे इलाके को दहला कर रख दिया है। जिस वक्त कातिल गुंजन पर वार कर रहा था, उस समय वहां दर्जनों लोग मौजूद थे, लेकिन अफसोस! किसी ने भी उस मासूम को बचाने की हिम्मत नहीं दिखाई। गुंजन की सहेली पायल ने उस खौफनाक मंजर की आपबीती सुनाई है। पायल ने बताया कि गली में चीख-पुकार सुनकर भीड़ तो जुट गई, लेकिन सब तमाशबीन बने रहे। पायल इकलौती ऐसी शख्स थी जिसने अपनी जान की परवाह न करते हुए हत्यारोपी आकाश को धक्का दिया, लेकिन जब उसने आकाश के हाथ में खून से सना चापड़ देखा, तो वह भी खौफ से कांप उठी।
आंसू पोंछ रही सहेली: सब कुछ सामान्य था, फिर अचानक…
अपनी सबसे अच्छी सहेली को खोने के बाद पायल गहरे सदमे में है। वारदात के अगले दिन भी वह गुंजन के घर पर जमी रही। वह कभी गुंजन की मां के बहते आंसुओं को पोंछती, तो कभी उसके छोटे भाई को ढांढस बंधाती नजर आई। पायल ने बताया कि उस दिन तक सब कुछ बिल्कुल सामान्य था। गुंजन रोज की तरह अपनी गाड़ी खड़ी करने गली में आई थी। उसे क्या पता था कि मौत वहां उसका इंतजार कर रही है।
सिर्फ चंद मिनटों का फासला और उजड़ गई दुनिया
पायल ने उस दिन की आखिरी मुलाकात को याद करते हुए बताया कि सोमवार को गुंजन उससे मिली थी। पायल ने उसे घर के अंदर आकर बैठने के लिए भी कहा था, लेकिन गुंजन किसी जल्दबाजी में थी और अंदर नहीं आई। गुंजन के जाने के कुछ ही मिनटों बाद बाहर से दिल दहला देने वाली चीखें सुनाई दीं। पायल भागकर बाहर पहुंची तो देखा कि आकाश उस पर हमला कर रहा था। भीड़ खड़ी देख रही थी और गुंजन की सांसें थम रही थीं। पायल का कहना है कि अगर लोग तमाशा देखने के बजाय मदद को हाथ बढ़ाते, तो शायद आज गुंजन हमारे बीच होती।