मुरादाबाद/ठाकुरद्वारा: उत्तर प्रदेश की राजनीति में जैसे-जैसे चुनावी सरगर्मियां तेज हो रही हैं, वैसे-वैसे नेताओं के बयानों ने भी सियासी पारे को चढ़ाना शुरू कर दिया है। इसी बीच, मुरादाबाद की सबसे चर्चित सीटों में से एक ठाकुरद्वारा विधानसभा सीट से भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के संभावित प्रत्याशी और पार्टी के पूर्व जिला अध्यक्ष राजपाल सिंह चौहान के बेटे डॉ. अमित चौहान का एक बेहद बड़ा और चौंकाने वाला बयान सामने आया है। उनके इस बयान के बाद इलाके के सियासी गलियारों में नई बहस छिड़ गई है।
विधायक चुनते समय धर्म नहीं, काबिलियत देखें
एक जनसभा के दौरान जनता को संबोधित करते हुए डॉ. अमित चौहान ने वोटरों से बेहद खास अपील की। उन्होंने कहा कि क्षेत्र का विधायक चुनते समय लोगों को उम्मीदवार का धर्म नहीं, बल्कि उसकी काबिलियत और योग्यता देखनी चाहिए। उन्होंने जोर देकर कहा कि हमें एक ऐसे प्रतिनिधि की जरूरत है जो विधानसभा में और सरकार के सामने हमारी समस्याओं और हमारी आवाज को पूरी मजबूती के साथ उठा सके।
बीमारी और शिक्षा का दिया बड़ा उदाहरण
डॉ. अमित चौहान ने अपनी बात को आम जनता को समझाने के लिए रोजमर्रा की जिंदगी से जुड़ा एक बड़ा और सटीक उदाहरण भी दिया। उन्होंने जनता के बीच कहा कि जैसे जब हम बीमार होते हैं या अपने बच्चों की शिक्षा की बात आती है, तो हम कभी भी डॉक्टर या टीचर का धर्म नहीं पूछते। वहां हम सिर्फ उनकी काबिलियत, उनका अनुभव और उनकी योग्यता देखते हैं ताकि हमें सही इलाज और अच्छी शिक्षा मिल सके।
पढ़े-लिखे और योग्य नेता को ही बनाएं अपना प्रतिनिधि
उन्होंने जनता का आह्वान करते हुए आगे कहा कि ठीक इसी तरह राजनीति और लोकतंत्र में भी बदलाव लाने की जरूरत है। हमें चुनाव के वक्त धर्म देखकर वोट देने के बजाय एक पढ़े-लिखे, समझदार और हर तरह से काबिल नेता को ही अपना विधायक चुनना चाहिए। डॉ. अमित चौहान के इस बयान को ठाकुरद्वारा विधानसभा क्षेत्र के चुनावी समीकरणों के लिहाज से बेहद अहम माना जा रहा है, और सोशल मीडिया पर भी लोग उनके इस प्रगतिशील नजरिए की काफी तारीफ कर रहे हैं।