नई दिल्ली: कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की पृष्ठभूमि को लेकर एक बड़ा विवादित बयान देकर सियासी गलियारे में हलचल मचा दी है। गुरुवार को एक जनसभा को संबोधित करते हुए खरगे ने पीएम मोदी के उस ‘चायवाला’ वाले दावे पर सवाल उठाए, जो उनकी राजनीतिक पहचान का एक बड़ा हिस्सा रहा है। खरगे ने तंज कसते हुए पूछा कि क्या पीएम मोदी ने असल में कभी चाय बनाई या बेची भी है?
‘चायवाला’ छवि पर खरगे का कड़ा प्रहार
मल्लिकार्जुन खरगे ने आरोप लगाया कि पीएम मोदी ने खुद को ‘चायवाला’ केवल इसलिए बताया ताकि वे चुनाव में सहानुभूति बटोर सकें और इसका राजनीतिक लाभ उठा सकें। खरगे ने सीधा सवाल दागते हुए कहा, “मोदी जी हमेशा कहते हैं कि वह चायवाले थे। मैं उनसे पूछना चाहता हूं कि क्या सच में उन्होंने कभी चाय बनाई है? क्या उन्होंने कभी ट्रेन में चाय बेची थी?” खरगे ने आगे कहा कि यह सरकार केवल दो लोगों की है जिन्हें देश की समस्याओं से ज्यादा चुनाव प्रचार में घूमने में दिलचस्पी है।
गद्दार कौन? संसद से सड़क तक जारी है तकरार
यह पहली बार नहीं है जब खरगे ने पीएम पर निशाना साधा हो। इससे पहले संसद के शीतकालीन सत्र में भी दोनों नेताओं के बीच तीखी नोकझोंक देखने को मिली थी। जब पीएम मोदी ने विपक्ष पर ‘देशद्रोही’ होने का आरोप लगाया था, तब खरगे ने पलटवार करते हुए कहा था, “गद्दार वे हैं, हम नहीं। हम हमेशा देशहित में काम करेंगे और कभी भी आतंकवादियों या घुसपैठियों का समर्थन नहीं करेंगे।” उन्होंने विपक्षी दलों के साथ मिलकर सरकार की नीतियों के खिलाफ देशव्यापी आंदोलन जारी रखने का भी आह्वान किया।
मनरेगा (MGNREGA) को खत्म करने की साजिश का आरोप
आर्थिक मुद्दों पर सरकार को घेरते हुए खरगे ने कहा कि मनरेगा गरीबों के लिए एक जीवन रेखा की तरह है, लेकिन सरकार इसे जानबूझकर खत्म करने की कोशिश कर रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार गरीब ग्रामीणों और खेतिहर मजदूरों को अमीरों का गुलाम बनाना चाहती है। खरगे ने कहा, “हमने मनरेगा कानून को बचाने के लिए लंबी लड़ाई लड़ी है और इसके सभी प्रावधान सुरक्षित रहने चाहिए। मैं सरकार के उन नए कानूनों की निंदा करता हूं जो केवल चंद उद्योगपतियों की मदद के लिए बनाए जा रहे हैं।”