उत्तर प्रदेश की सियासत में 2027 के विधानसभा चुनावों का बिगुल अभी से बज गया है। बहुजन समाज पार्टी (BSP) की सुप्रीमो मायावती ने बुधवार को लखनऊ में विरोधियों पर जमकर प्रहार किया। उन्होंने साफ कर दिया कि बीएसपी किसी के साथ हाथ नहीं मिलाएगी और अपने दम पर सत्ता के शिखर तक पहुंचेगी। गठबंधन की चर्चाओं से नाराज मायावती ने इसे विरोधियों की एक “घिनौनी साजिश” करार दिया है।
‘गठबंधन की खबरें फेक न्यूज’: एआई (AI) के गलत इस्तेमाल पर भड़कीं मायावती
मायावती ने दो टूक लहजे में कहा कि बीएसपी अकेले चुनाव लड़ेगी। गठबंधन की खबरों को सिरे से खारिज करते हुए उन्होंने कहा, “आजकल आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के जरिए झूठ फैलाने की होड़ मची है। कुछ स्वार्थी नेता और मीडिया का एक हिस्सा बीएसपी को लेकर अफवाहें फैला रहा है, जो पूरी तरह मनगढ़ंत हैं।” उन्होंने मीडिया को नसीहत देते हुए कहा कि “कटी पतंग” की तरह बिना सिर-पैर की बातें करके अपना मजाक न बनवाएं। उन्होंने याद दिलाया कि वह 2025 में ही अकेले चुनाव लड़ने का ऐलान कर चुकी हैं।
सपा, भाजपा और कांग्रेस पर सीधा वार
मायावती ने सपा, भाजपा और कांग्रेस को एक ही थाली के चट्टे-बट्टे बताया। उन्होंने कहा कि इन पार्टियों की सोच बाबासाहेब डॉ. भीमराव अंबेडकर के आदर्शों के खिलाफ है। मायावती के मुताबिक, ये दल केवल अपने चुनावी स्वार्थ के लिए बीएसपी का साथ चाहते हैं, जिससे बहुजन आंदोलन को कोई फायदा नहीं होता। उन्होंने कार्यकर्ताओं में जोश भरते हुए कहा कि 2027 में ‘हाथी की मस्त चाल’ 2007 वाला इतिहास दोहराएगी।
दिल्ली के बंगले पर दी सफाई: ‘यह सुरक्षा का मामला है’
दिल्ली में टाइप-8 बंगला अलॉट होने पर हो रही राजनीति पर मायावती ने चुप्पी तोड़ी। उन्होंने कहा कि उनकी सुरक्षा को देखते हुए यह बंगला दिया गया है। 2 जून 1995 के ‘स्टेट गेस्ट हाउस कांड’ का जिक्र करते हुए उन्होंने बताया कि उन्हें हमेशा से उच्च स्तरीय सुरक्षा मिली हुई है और कांग्रेस के जमाने से ही उन्हें टाइप-8 बंगला मिलता रहा है, इसलिए इस पर बवाल करना गलत है।
यूपी के 50 हजार शिक्षकों की नौकरी पर संकट!
राजनीतिक हलचल के बीच उत्तर प्रदेश के करीब 50 हजार शिक्षकों के लिए खतरे की घंटी बज गई है। हरियाणा सरकार ने आदेश दिया है कि जो शिक्षक मार्च 2027 तक TET पास नहीं करेंगे, उनकी सेवा समाप्त कर दी जाएगी। यूपी में हालात और भी खराब हैं क्योंकि यहाँ करीब 50 हजार शिक्षकों के पास TET में बैठने की न्यूनतम योग्यता तक नहीं है। अब सवाल यह है कि क्या यूपी सरकार भी शिक्षकों के खिलाफ सख्त रुख अपनाएगी?