ठाकुरद्वारा (मुरादाबाद): उत्तर प्रदेश के मुरादाबाद जिले से एक ऐसी दिल दहला देने वाली खबर सामने आई है, जिसने मानवीय संवेदनाओं को झकझोर कर रख दिया है। यहाँ एक बेरहम शख्स ने महज 6 महीने की मासूम बच्ची को तालाब में फेंक कर उसे मौत के घाट उतारने की कोशिश की। लेकिन कहते हैं न कि जिसकी रक्षा ऊपर वाला करे, उसका कोई बाल भी बांका नहीं कर सकता। जब मासूम पानी में अपनी आखिरी सांसें गिन रही थी, तभी एक शख्स फरिश्ता बनकर आया और बच्ची को नई जिंदगी मिल गई।
मौत बनकर आया अज्ञात शख्स, फरिश्ता बने फईम
पूरी घटना ठाकुरद्वारा के ताली ईदगाह इलाके की है। बताया जा रहा है कि एक अज्ञात व्यक्ति इस नन्ही सी जान को तालाब में फेंक कर मौके से रफूचक्कर हो गया। बच्ची पानी में डूब रही थी और उसकी जान गले में अटकी थी। इसी दौरान स्थानीय रेता व्यापारी फईम खान अपने गोदाम की ओर जा रहे थे। अचानक उनकी नजर तालाब की ओर गई तो उनके पैरों तले जमीन खिसक गई। फईम ने देखा कि पानी के बीचों-बीच एक छोटा सा सिर दिखाई दे रहा है। पास जाकर देखा तो वह एक मासूम बच्ची थी जो छटपटा रही थी।
जान की बाजी लगाकर तालाब में कूदे फईम
फईम खान ने बिना एक पल गंवाए तालाब में छलांग लगा दी। उस वक्त उनके जेहन में अपनी जान का डर नहीं, बल्कि उस नन्ही जान को बचाने की तड़प थी। फईम ने बताया, “जब मैंने बच्ची को देखा, तो उसका सिर्फ सिर पानी के ऊपर था। मैंने तेजी से तैरकर उसे बाहर निकाला।” जैसे ही बच्ची को सुरक्षित किनारे लाया गया और उसकी सांसें चलती दिखीं, वहां मौजूद लोगों की आंखों में आंसू आ गए।
किस्मत ने दिया साथ, नसरीन ने थामी कलाई
इस घटना में एक बड़ी राहत यह रही कि इन दिनों तालाब में पानी कम था। ग्रामीणों का कहना है कि अगर यह बारिश का मौसम होता, तो शायद फईम के पहुंचने से पहले ही अनहोनी हो जाती। पानी कम होने की वजह से बच्ची पूरी तरह नहीं डूबी। वहीं, जब यह खबर फैली तो हर कोई फईम की बहादुरी की तारीफ करने लगा। इसी बीच मोहल्ला धोबियन की रहने वाली नसरीन (पत्नी कदीर) ने ममता की मिसाल पेश की। उन्होंने इस बच्ची की पूरी जिम्मेदारी लेते हुए उसे गोद ले लिया है। अब वह मासूम सुरक्षित है और उसे एक नया परिवार मिल गया है।
फिलहाल, मुरादाबाद पुलिस उस ‘पत्थर दिल’ इंसान की तलाश में जुटी है जिसने इस घिनौनी वारदात को अंजाम दिया। इलाके के लोग फईम खान को किसी फरिश्ते से कम नहीं मान रहे हैं, जिन्होंने इंसानियत की एक नई इबारत लिखी है।