ठाकुरद्वारा (मुरादाबाद): मुरादाबाद के ठाकुरद्वारा में कल जिस 6 महीने की मासूम बच्ची की जान बचने पर पूरा इलाका खुशी से झूम रहा था और फख्र महसूस कर रहा था, उसी कहानी में अब एक बेहद खौफनाक और दिल नहला देने वाला मोड़ आ गया है। जिस नन्ही आयरा को जांबाज रेता व्यापारी फईम खान ने मौत के मुंह से खींच निकाला था, उसकी मां गुलचमन (32 वर्ष) की संदिग्ध परिस्थितियों में लाश बरामद हुई है। इस सनसनीखेज घटना के सामने आने के बाद से पूरे इलाके में हड़कंप मच गया है। बदहवास परिजनों ने इसे आत्महत्या मानने से साफ इनकार कर दिया है और सीधे तौर पर हत्या की आशंका जताते हुए पुलिस से इंसाफ की गुहार लगाई है।
दवाई लेने निकली थी गुलचमन, रात ढाई बजे मुर्गी फार्म के पास मिला शव
दरअसल, यह पूरा मामला महज एक नवजात बच्ची को तालाब में फेंके जाने तक ही सीमित नहीं था। इसके पीछे एक ऐसी दर्दनाक दास्तां छिपी हुई थी, जो अब मौत के सन्नाटे में बदल चुकी है। ठाकुरद्वारा के वार्ड नंबर 7 की रहने वाली गुलचमन कल शाम करीब 5 बजे अपने घर से यह कहकर निकली थी कि वह पास ही दवाई लेने जा रही है। लेकिन जब घंटों बीत जाने के बाद भी वह वापस नहीं लौटी, तो परिजनों की चिंता बढ़ने लगी। इसी बीच देर रात करीब 2:30 बजे ठाकुरद्वारा के ही एक मुर्गी फार्म के पास उसका शव मिलने की खबर आई। इस खबर के मिलते ही पुलिस महकमे और परिजनों में अफरा-तफरी मच गई।
दो शादियां, तीन तलाक और दर-दर की ठोकरें: किसी दर्दनाक फिल्म जैसी थी जिंदगी
मृतका गुलचमन की जिंदगी किसी संघर्ष और दुखों से भरी फिल्म की तरह थी, जिसमें सुकून का एक पल भी नसीब नहीं हुआ। नसीम अहमद की बेटी गुलचमन की पहली शादी सिरसा में हुई थी, जहां उसने एक बेटे को जन्म दिया। लेकिन आपसी अनबन और रोज-रोज के विवाद के चलते यह रिश्ता टूट गया और उनका तलाक हो गया। इसके बाद गुलचमन की दूसरी शादी ठाकुरद्वारा के ही रहने वाले अब्बास (पुत्र वली मोहम्मद) के साथ हुई, लेकिन यहां भी उसकी किस्मत ने दगा दे दिया। आरोप है कि जब गुलचमन गर्भवती थी, तभी ससुराल वालों ने उसके साथ बेरहमी से मारपीट की और उसे तीन तलाक देकर घर से बाहर निकाल दिया। इसी घोर अभाव और मायूसी के बीच गुलचमन ने अपने मायके में रहकर बेटी आयरा को जन्म दिया था। यह वही बदनसीब बच्ची है जिसे कल ताली ईदगाह के पास एक तालाब में फेंक दिया गया था।
तालाब से जिंदा बची बच्ची, लेकिन उजड़ गया मां का आशियाना
कल दोपहर जब फईम खान ने फरिश्ता बनकर तालाब में डूब रही 6 महीने की मासूम आयरा को सही-सलामत बाहर निकाला, तो यह खबर इलाके में आग की तरह फैल गई। जब यह बात गुलचमन के मायके वालों तक पहुंची, तो वे तुरंत रात में ही बच्ची को पहचान कर उसे अपनी सुपुर्दगी में लेने पहुंच गए। लेकिन इस खुशी के बीच घर में पहले से ही मातम का साया गहरा रहा था क्योंकि गुलचमन गायब थी। मायके वाले पूरी रात आस-पड़ोस और हर संभावित जगह पर उसे तलाशते रहे, लेकिन आखिरकार रात के ढाई बजे मुर्गी फार्म के पास उसकी लाश मिलने से सब कुछ तबाह हो गया। परिजनों का सीधा और साफ आरोप है कि यह कोई खुदकुशी नहीं, बल्कि एक बेहद सोची-समझी खूनी साजिश और हत्या है। उनका कहना है कि जिस तरह पहले बच्ची को चुपके से तालाब में फेंका गया और फिर गुलचमन की लाश मिली, इसके पीछे किसी बड़े शातिर दिमाग का हाथ है।
पोस्टमार्टम रिपोर्ट पर टिकी सबकी निगाहें, पुलिस कर रही है गहन जांच
इस दिल दहला देने वाले दोहरे कांड के बाद से ठाकुरद्वारा के स्थानीय लोग गहरे खौफ और सदमे में हैं। फिलहाल ठाकुरद्वारा कोतवाली पुलिस मामले की हर एक एंगल से गहराई से तफ्तीश कर रही है। पुलिस का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत की असली वजह और समय का साफ-साफ पता चल पाएगा। इस खौफनाक मंजर के बीच राहत की बात सिर्फ इतनी है कि नन्ही आयरा इस वक्त अपने ननिहाल में बिल्कुल सुरक्षित है, लेकिन बेहद अफसोस की बात है कि दुनिया में कदम रखते ही उसके सिर से मां का साया हमेशा-हमेशा के लिए उठ चुका है।