मुरादाबाद/ठाकुरद्वारा: उत्तर प्रदेश के जनपद मुरादाबाद के ठाकुरद्वारा में उस समय सियासी और धार्मिक गलियारों में जबरदस्त हलचल मच गई, जब ज्योतिष पीठ के शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती का स्वागत करने के लिए समाजवादी पार्टी के नेता खुद सड़कों पर उतर आए। गंगा-जमुनी तहजीब के इस अनोखे मंच से शंकराचार्य ने कुछ ऐसा कह दिया कि सूबे का सियासी पारा सातवें आसमान पर पहुंच गया। उन्होंने ‘नकली हिंदू’ वाले अपने एक बेहद तल्ख बयान से सीधे सत्तापक्ष को कटघरे में खड़ा कर दिया है।
डिलारी के चौराहे से बीजेपी सरकार पर बरसे शंकराचार्य
दरअसल, डिलारी के डिलरा चौराहे पर आयोजित एक विशाल जनसभा में शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने केंद्र और उत्तर प्रदेश की भाजपा सरकार पर जमकर सियासी तीर चलाए। उन्होंने बेहद तीखे तेवरों में कहा कि खुद को हिंदू हितैषी बताने वाले और गाय को माता कहने वाले नेता आज तक गोमाता को राष्ट्रमाता का दर्जा नहीं दिला सके हैं। उन्होंने मंच से सीधे तौर पर आरोप लगाया कि सत्ता में बैठे लोग गोवंश के संरक्षण को लेकर जरा भी गंभीर नहीं हैं और बीजेपी सिर्फ और सिर्फ गोमाता के नाम पर झूठ की राजनीति कर रोटियां सेक रही है।
‘गाय पशु नहीं माता है, स्कूल के सिलेबस से तुरंत हटे यह शब्द’
शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद ने मीडिया से बातचीत के दौरान देश की शिक्षा व्यवस्था और हिंदुओं की मौजूदा स्थिति पर भी गहरी चिंता जताई। उन्होंने कहा कि आज की सबसे बड़ी विडंबना यह है कि हिंदू अपने ही बच्चों को धर्म की सही शिक्षा नहीं दे पा रहे हैं। स्कूलों में जो कुछ पढ़ाया जा रहा है, उस पर गंभीर सवाल उठाते हुए उन्होंने कहा कि आज स्कूली किताबों में बच्चों को गाय एक ‘पशु’ के रूप में पढ़ाई जा रही है। शंकराचार्य ने पुरजोर मांग की कि पाठ्यक्रम (सिलेबस) से ‘पशु’ शब्द को तुरंत हटाया जाना चाहिए और उसकी जगह ‘माता’ शब्द दर्ज किया जाना चाहिए, क्योंकि गाय कोई साधारण चौपाया या पशु नहीं, बल्कि साक्षात माता है।
स्लॉटर हाउस को लेकर किया बहुत बड़ा दावा, बीजेपी नेताओं की घेराबंदी
अपने बेबाक बयानों के लिए अक्सर चर्चा में रहने वाले शंकराचार्य ने इस बार सीधे बीजेपी के बड़े नेताओं की घेराबंदी की। उन्होंने मंच से एक बेहद चौंकाने वाला और बड़ा दावा करते हुए कहा कि कई हिंदू बीजेपी नेताओं के खुद के स्लॉटर हाउस (बूचड़खाने) चल रहे हैं। ऐसे में भाजपा का गो-प्रेम पूरी तरह से बनावटी, खोखला और सिर्फ एक दिखावा है। उन्होंने दोटूक शब्दों में कहा कि ये लोग असली सनातनी नहीं बल्कि ‘नकली हिंदू’ हैं, जो सिर्फ वोटों की फसल काटने के लिए धर्म का चोगा ओढ़ते हैं।
इस ऐतिहासिक कार्यक्रम में शंकराचार्य को सुनने के लिए जनता का भारी हुजूम उमड़ा हुआ था। जब शंकराचार्य ने सीधे सत्तापक्ष को ललकारा, तो वहां मौजूद जनसैलाब ने गगनभेदी तालियों के साथ उनका खुला समर्थन किया। अब देखना यह होगा कि गाय, धर्म और ‘नकली हिंदू’ वाले इस तीखे बयान पर बीजेपी खेमे से क्या पलटवार आता है।