गाजियाबाद: दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे (NH-9) शनिवार दोपहर रणक्षेत्र में तब्दील हो गया। नगीना लोकसभा सीट से सांसद और आजाद समाज पार्टी के मुखिया चंद्रशेखर आजाद जब दिल्ली एयरपोर्ट से मेरठ के लिए निकले, तो पुलिस ने उन्हें यूपी गेट पर ही रोक लिया। इसके बाद उनके समर्थकों और पुलिस के बीच जमकर नोकझोंक और खींचतान हुई, जिससे नेशनल हाईवे पर लंबा जाम लग गया।
भारी फोर्स के साथ हुई बेरिकेडिंग
मामला शनिवार दोपहर करीब 3:45 बजे का है। चंद्रशेखर आजाद मेरठ के सरधना क्षेत्र के कपसाड़ गांव जा रहे थे, जहां हाल ही में एक दलित महिला की हत्या और उनकी बेटी के अपहरण की सनसनीखेज वारदात हुई थी। जैसे ही गाजियाबाद पुलिस को उनके आने की खबर मिली, इंदिरापुरम, खोड़ा और कौशांबी थानों की फोर्स ने यूपी गेट पर घेराबंदी कर दी। पुलिस ने हाईवे पर मजबूत बेरिकेडिंग कर दी ताकि सांसद का काफिला आगे न बढ़ सके।
पुलिस से तीखी नोकझोंक और धक्का-मुक्की
जब चंद्रशेखर का काफिला यूपी गेट पहुंचा, तो पुलिस ने उन्हें रुकने का इशारा किया। इस दौरान चंद्रशेखर कार से नीचे उतर आए और पुलिस अधिकारियों से उनकी तीखी बहस शुरू हो गई। देखते ही देखते मौके पर भारी भीड़ जमा हो गई। बताया जा रहा है कि पुलिस और सांसद के बीच धक्का-मुक्की भी हुई। चंद्रशेखर का कहना था कि वे पीड़ित परिवार का दर्द बांटने जा रहे हैं, जबकि पुलिस प्रशासन ने कानून-व्यवस्था का हवाला देते हुए उन्हें आगे जाने से मना कर दिया।
घंटों रहा हाईवे पर जाम, यात्री परेशान
इस हंगामे की वजह से दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे और एनएच-9 पर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं। करीब आधे घंटे तक चले इस ड्रामे के दौरान आम जनता को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। पुलिस सूत्रों के मुताबिक, काफी जद्दोजहद के बाद चंद्रशेखर किसी तरह पुलिस को चकमा देकर आगे निकलने की कोशिश में दिखे, जिसके बाद पुलिस ने अन्य सीमाओं पर भी फोर्स तैनात कर दी।