अनिल शर्मा मुरादाबाद: सोमवार को राजकीय सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) में उस वक्त हड़कंप मच गया, जब लखनऊ से योजना आयोग के ऑब्जर्वर अचानक निरीक्षण के लिए पहुंच गए। ऑब्जर्वर ने अस्पताल की हर छोटी-बड़ी व्यवस्था का बारीकी से जायजा लिया। इस दौरान उन्होंने कई खामियां पाईं, जिन्हें जल्द से जल्द दुरुस्त करने के लिए अधिकारियों को कड़ी फटकार के साथ निर्देश दिए गए।
दवाइयों के स्टॉक और बच्चों के वॉर्ड पर रही खास नजर
योजना आयोग लखनऊ के ऑब्जर्वर विशेष कुमार सिंह जैसे ही सीएचसी पहुंचे, उन्होंने सबसे पहले नवजात शिशुओं की देखभाल के लिए बने विशेष कक्ष (NBSU) का रुख किया। उन्होंने वहां मौजूद मशीनों और सुविधाओं की पड़ताल की। इसके बाद वे सीधे फार्मासिस्ट स्टोर पहुंचे, जहां दवाइयों की उपलब्धता और उनके रखरखाव की समीक्षा की गई। उन्होंने स्पष्ट किया कि मरीजों को दवाओं के लिए बाहर न भटकना पड़े और स्टॉक की स्थिति हमेशा अपडेट रहनी चाहिए।
सुरक्षा और साफ-सफाई को लेकर सख्त हुए तेवर
निरीक्षण के दौरान ऑब्जर्वर ने अस्पताल की सुरक्षा व्यवस्था को भी परखा। उन्होंने सीसीटीवी कैमरों की फुटेज चेक की और यह देखा कि क्या सभी कैमरे सही ढंग से काम कर रहे हैं या नहीं। साथ ही, ड्यूटी पर तैनात सुरक्षा गार्डों की मौजूदगी और अस्पताल परिसर की सफाई व्यवस्था का भी जायजा लिया। गंदगी और सुरक्षा में ढिलाई मिलने पर उन्होंने संबंधित कर्मचारियों को मौके पर ही दिशा-निर्देश जारी किए।
चिकित्साधीक्षक को दी गई कड़ी हिदायत
ऑब्जर्वर ने चिकित्साधीक्षक डॉ. शिल्पी चौधरी को सख्त लहजे में निर्देश देते हुए कहा कि मरीजों की सेवा में कोई कोताही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने कहा कि शासन द्वारा चलाई जा रही स्वास्थ्य योजनाओं का लाभ सीधे आम जनता तक पहुंचना चाहिए। अस्पताल की व्यवस्थाएं ऐसी होनी चाहिए कि दूर-दराज से आने वाले मरीजों को बेहतर इलाज और सम्मान मिल सके। इस औचक निरीक्षण के बाद से ही स्वास्थ्य विभाग के कर्मचारियों में खलबली मची हुई है और व्यवस्थाओं को सुधारने की होड़ लग गई है।