ग्वालियर: मध्य प्रदेश के ग्वालियर से एक ऐसी सनसनीखेज खबर सामने आई है, जिसने मां-बेटे के पवित्र रिश्ते को पूरी तरह कलंकित कर दिया है। एक कलयुगी मां ने अपने ही 3 साल के मासूम बेटे को सिर्फ इसलिए मार डाला क्योंकि वह उसकी बेवफाई का गवाह बन गया था। अब इस मामले में ग्वालियर की अदालत ने बड़ा फैसला सुनाते हुए कातिल मां, ज्योति राठौर को उम्रकैद (आजीवन कारावास) की सजा सुनाई है। ममता के कत्ल की यह कहानी सुनकर हर कोई सन्न है।
छत पर चल रहा था खौफनाक खेल
यह पूरी घटना अप्रैल 2023 की है। कोर्ट की सुनवाई के दौरान जो सच सामने आया, वह किसी फिल्म की स्क्रिप्ट से भी ज्यादा खौफनाक है। बताया गया कि ज्योति अपने घर की छत पर पड़ोसी प्रेमी के साथ थी। इसी दौरान उसका छोटा बेटा जतिन खेलते हुए वहां पहुंच गया। मासूम ने अपनी मां को प्रेमी के साथ आपत्तिजनक हालत में देख लिया। ज्योति को डर सताने लगा कि 3 साल का यह बच्चा घर वालों के सामने उसका राज खोल देगा। इसी डर और बदनामी के खौफ में एक मां की ममता मर गई और उसने अपने ही कलेजे के टुकड़े को उठाकर छत से नीचे फेंक दिया।
हादसा समझता रहा परिवार, लेकिन नहीं छिपा राज
छत से गिरने के बाद जतिन को आनन-फानन में अस्पताल ले जाया गया, लेकिन जख्म इतने गहरे थे कि इलाज के दौरान उसने दम तोड़ दिया। शुरुआत में पति और ससुराल वालों को लगा कि बच्चा खेलते-खेलते गिर गया होगा और इसे एक दुखद हादसा मान लिया गया। लेकिन कहते हैं कि गुनाह करने वाला चैन की नींद नहीं सो सकता। अपने ही बेटे के खून से रंगे हाथ होने के कारण ज्योति अंदर ही अंदर घुटने लगी। उसकी घबराहट और अजीब व्यवहार ने घर वालों के मन में संदेह पैदा करना शुरू कर दिया था।
पति के सामने कबूला जुर्म और पहुंची जेल
आखिरकार ज्योति के पाप का घड़ा भर गया और एक दिन उसने रोते हुए अपने पति के सामने सारा सच उगल दिया। जब पति को पता चला कि उसके बेटे का कातिल कोई और नहीं बल्कि उसकी अपनी पत्नी है, तो उसके पैरों तले जमीन खिसक गई। पति ने तुरंत पुलिस को सूचना दी, जिसके बाद ज्योति को गिरफ्तार कर लिया गया। अब कोर्ट ने ज्योति को जतिन की हत्या का दोषी मानते हुए उम्रकैद की सजा सुनाई है। यह फैसला उन लोगों के लिए एक कड़ा सबक है जो अपने अवैध रिश्तों की खातिर अपनों का खून बहा देते हैं।