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हिंदू संगठनों से भी एक कदम आगे निकले अफजाल अंसारी! गाय को ‘राष्ट्रीय पशु’ नहीं, बल्कि ‘राष्ट्रमाता’ बनाने की कर दी मांग

On: January 23, 2026 5:15 PM
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गाजीपुर: भारत में लंबे समय से साधु-संतों और विभिन्न हिंदूवादी संगठनों द्वारा गाय को राष्ट्रीय पशु घोषित करने की मांग उठाई जाती रही है। लेकिन इस बीच समाजवादी पार्टी के सांसद अफजाल अंसारी ने एक ऐसा बयान दिया है जिसने सबको चौंका दिया है। अफजाल अंसारी ने गाय को केवल राष्ट्रीय पशु घोषित करने तक सीमित न रहने की बात कही, बल्कि उन्होंने मांग उठाई है कि गाय को ‘राष्ट्रमाता’ का दर्जा दिया जाना चाहिए।

गाजीपुर की बैठक में बोले सांसद

गाजीपुर के राइफल क्लब में गुरुवार (22 जनवरी) को दिशा समिति की एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई थी। इस बैठक के संपन्न होने के बाद मीडिया से मुखातिब होते हुए सांसद अफजाल अंसारी ने कई अहम और संवेदनशील मुद्दों पर अपनी बेबाक राय रखी। इसी दौरान जब गाय से जुड़ा सवाल उठा, तो उन्होंने खुलकर इसकी वकालत की कि गाय को राष्ट्रमाता का सम्मान मिलना चाहिए।

संवेदनशील मुद्दों पर रखी अपनी राय

बैठक के बाद पत्रकारों से बातचीत में अफजाल अंसारी काफी आक्रामक और स्पष्ट नजर आए। उन्होंने न केवल गाय के दर्जे पर बात की, बल्कि अन्य सामाजिक और राजनीतिक मुद्दों पर भी चर्चा की। अक्सर अपने बयानों के लिए चर्चा में रहने वाले सपा सांसद का यह रुख इसलिए भी खास माना जा रहा है क्योंकि गाय को लेकर यह मांग आमतौर पर दक्षिणपंथी संगठनों की ओर से आती रही है, लेकिन अब विपक्षी खेमे के बड़े नेता ने इसे एक नया आयाम दे दिया है।

साधु-संतों की मांग को मिला नया समर्थन

आपको बता दें कि देश के कई हिस्सों में गाय को लेकर आंदोलन चलते रहे हैं। साधु-संतों का एक बड़ा वर्ग लगातार केंद्र सरकार पर दबाव बनाता रहा है कि गाय को राष्ट्रीय पशु का संवैधानिक दर्जा दिया जाए। अब अफजाल अंसारी के इस बयान ने राजनीतिक गलियारों में नई बहस छेड़ दी है। लोग अब इस बयान को आगामी राजनीतिक समीकरणों और सामाजिक सद्भाव के चश्मे से भी देख रहे हैं।

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