बिजनौर। उत्तर प्रदेश के बिजनौर जिले से एक बेहद दुखद खबर सामने आई है। अफज़लगढ़ ब्लॉक के ग्राम पंचायत मानियावाला के रहने वाले 50 वर्षीय फहीम अहमद सिद्दीकी का यूरोप के देश माल्टा में निधन हो गया है। फहीम की मौत की खबर जैसे ही उनके गांव पहुंची, पूरे इलाके में शोक की लहर दौड़ गई। खुशियों की तलाश में विदेश गए फहीम की इस तरह अचानक मौत से परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।
ड्यूटी के बाद अचानक हुआ ब्रेन हेमरेज
फहीम अहमद पिछले करीब तीन सालों से माल्टा की एक नामी टेक कंपनी में बतौर वाहन चालक (ड्राइवर) काम कर रहे थे। उनके रूममेट से मिली जानकारी के मुताबिक, 4 जनवरी 2026 की शाम को फहीम की तबीयत अचानक बिगड़ गई। उन्हें गंभीर ब्रेन हेमरेज हुआ था। उनके साथियों ने बिना देर किए उन्हें माल्टा के ‘मदर डे मल्टीस्पेशलिटी अस्पताल’ में भर्ती कराया, जहां डॉक्टरों ने तुरंत उनका ऑपरेशन कर उन्हें आईसीयू (ICU) में शिफ्ट कर दिया।
अस्पताल में थमीं सांसें, अधूरा रह गया वतन वापसी का सपना
डॉक्टरों की तमाम कोशिशों के बावजूद फहीम को बचाया नहीं जा सका। रविवार को माल्टा के समयानुसार सुबह 7:00 बजे (भारतीय समयानुसार सुबह 11:30 बजे) उन्होंने आखिरी सांस ली। फहीम अपने पीछे रोते-बिलखते परिवार को छोड़ गए हैं, जिसमें उनकी पत्नी, दो बेटियां (18 और 16 वर्ष) और एक 14 साल का बेटा शामिल है। बच्चों के सिर से पिता का साया उठने के बाद घर में सन्नाटा पसरा हुआ है।
शव को भारत लाने की कोशिशें तेज
फहीम की मौत के बाद अब परिजनों की सबसे बड़ी चिंता उनके पार्थिव शरीर को वतन वापस लाने की है। परिवार के सदस्यों ने जरूरी कागजी कार्रवाई और कानूनी प्रक्रियाएं शुरू कर दी हैं ताकि माल्टा से फहीम का शव जल्द से जल्द भारत लाया जा सके और पैतृक गांव में उनका अंतिम संस्कार किया जा सके। रिश्तेदारों और गांव के लोगों ने सरकार से भी इस मामले में मदद की गुहार लगाई है।