मुरादाबाद: उत्तर प्रदेश के मुरादाबाद स्थित कटरा पूरनजाट जीवन की सराय के रहने वाले चिरंजी लाल यादव के लिए रविवार की सुबह किसी सुनहरे सपने जैसी रही। रोज की तरह वह सुबह करीब 10 बजे अपने घर पर आराम से बैठकर चाय की चुस्कियां ले रहे थे, तभी उनके फोन की घंटी बजी। दूसरी तरफ से आवाज आई, “मैं केंद्रीय मंत्रालय का गृह सचिव बोल रहा हूं। आपका नाम चिरंजी लाल यादव है? बधाई हो, आपका चयन पद्म श्री अवॉर्ड के लिए हो गया है।”
यकीन करना था मुश्किल, फिर झूम उठा परिवार
गृह सचिव की बात सुनकर एक पल के लिए तो चिरंजी लाल यादव सन्न रह गए। उन्हें अपनी कानों पर यकीन ही नहीं हो रहा था कि देश के इतने बड़े सम्मान के लिए उनका नाम चुना गया है। जैसे ही उन्होंने यह खबर अपने परिवार के साथ साझा की, घर में खुशी का ठिकाना नहीं रहा। फोन कटने के कुछ ही देर बाद उनके घर पर जश्न का माहौल बन गया और आंखों से खुशी के आंसू छलक पड़े।
बधाई देने वालों का लगा तांता
पद्म श्री की जानकारी जैसे ही शहर में फैली, चिरंजी लाल के घर पर बधाई देने वालों की भीड़ उमड़ पड़ी। रविवार की दोपहर होते-होते शहर के तमाम गणमान्य लोग, पड़ोसी और रिश्तेदार उनके घर पहुंचने लगे। फूलों के हार और मिठाइयों के साथ लोग उन्हें इस ऐतिहासिक उपलब्धि की बधाई दे रहे हैं। चिरंजी लाल ने बताया कि गृह सचिव का वह फोन उनके जीवन का सबसे यादगार पल बन गया है, जिसने उनकी सालों की मेहनत और सादगी को देश के सर्वोच्च नागरिक सम्मानों में से एक तक पहुंचा दिया।