कैराना: समाजवादी पार्टी की फायरब्रांड सांसद इकरा हसन अपने बेबाक बयानों के लिए अक्सर चर्चा में रहती हैं। हाल ही में उन्होंने बेटियों के भविष्य और समाज में फैली दहेज प्रथा को लेकर एक ऐसी बात कही है, जो अब सोशल मीडिया पर खूब सुर्खियां बटोर रही है। इकरा हसन ने अभिभावकों से अपील की है कि वे अपनी सोच बदलें और बेटियों को बोझ समझने के बजाय उन्हें काबिल बनाने पर जोर दें।
दहेज महज एक रस्म, शिक्षा है असली सहारा
एक सार्वजनिक कार्यक्रम के दौरान लोगों को संबोधित करते हुए इकरा हसन ने कहा कि आज के दौर में बेटियों को पैरों पर खड़ा करना सबसे जरूरी है। उन्होंने अभिभावकों को नेक सलाह देते हुए कहा, “अपनी बेटियों को दहेज भले ही कम दें, लेकिन उन्हें शिक्षा जरूर दें।” इकरा का मानना है कि दहेज देना या लेना महज कुछ पलों की रस्म हो सकती है, जो शादी के बाद खत्म हो जाती है, लेकिन एक अच्छी शिक्षा बेटी के लिए जीवन भर का सबसे बड़ा सहारा बनती है।
आत्मनिर्भरता पर दिया जोर
सांसद ने आगे कहा कि जब एक बेटी शिक्षित होती है, तो वह न केवल अपना बल्कि पूरे परिवार का भविष्य संवारती है। दहेज में दिए गए सामान की उम्र सीमित होती है, लेकिन ज्ञान की पूंजी उसे हर मुश्किल वक्त में लड़ने की ताकत देती है। इकरा हसन के इस बयान को समाज के हर वर्ग की सराहना मिल रही है और इसे महिला सशक्तिकरण की दिशा में एक प्रभावी संदेश माना जा रहा है। उनके समर्थकों का कहना है कि युवा नेतृत्व की ऐसी सोच ही समाज में बदलाव लाएगी।