उत्तर प्रदेश के चंदौली जिले के सैयदराजा में सोमवार की रात मां सरस्वती की प्रतिमा के विसर्जन के दौरान माहौल बेहद गरमा गया। हालात तब बेकाबू हो गए जब इलाके के सीओ और समाजवादी पार्टी के पूर्व विधायक मनोज सिंह डब्लू के बीच जमकर तू-तू मैं-मैं हुई। बात इतनी बढ़ गई कि सीओ देवेंद्र कुमार ने पूर्व विधायक पर सनसनीखेज आरोप लगाते हुए कह दिया कि वे क्षेत्र में दंगा भड़काना चाहते हैं।
विसर्जन मार्ग को लेकर छिड़ा विवाद
सोमवार को जिले भर में सरस्वती प्रतिमाओं का विसर्जन हो रहा था। प्रशासन ने शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए रूट तय किए थे। विवाद तब शुरू हुआ जब सैयदराजा में एक आयोजक मंडल के युवा मूर्ति लेकर विसर्जन के लिए निकले। युवाओं का आरोप था कि पुलिस उन्हें उनके पसंद के रास्ते से जाने से रोक रही है और दूसरे लंबे मार्ग से जाने का दबाव बना रही है। इसी खींचतान के बीच युवाओं ने सपा के पूर्व विधायक मनोज सिंह डब्लू को मौके पर बुला लिया।
‘शंकराचार्य को रोक सकते हैं तो कुछ भी करेंगे’
पूर्व विधायक मनोज सिंह के पहुंचते ही विरोध की आवाज तेज हो गई। उन्होंने पुलिस प्रशासन को आड़े हाथों लेते हुए आरोप लगाया कि पुलिस भाजपा और वर्तमान विधायक के इशारे पर काम कर रही है। मनोज सिंह ने हालिया घटनाओं का जिक्र करते हुए कहा, “जो पुलिस शंकराचार्य को गंगा स्नान से रोक सकती है, वह कुछ भी कर सकती है।” उन्होंने पुलिस की इस सख्ती को राजनीतिक दबाव का हिस्सा बताया।
सीओ का पलटवार: ‘हर बार ड्रामा करते हैं आप’
पूर्व विधायक के आरोपों पर सदर सीओ देवेंद्र सिंह बुरी तरह भड़क गए। उन्होंने मनोज सिंह को सीधा जवाब देते हुए कहा, “आप क्षेत्र में दंगा कराना चाहते हैं और हर बार इसी तरीके का ड्रामा करते हैं।” सीओ ने साफ किया कि विसर्जन के लिए सबसे सीधा और सुरक्षित मार्ग पहले से ही तय किया गया है और सभी को उसी रास्ते से जाना अनिवार्य है। उन्होंने कहा कि कुछ लोग जानबूझकर व्यवस्था में व्यवधान उत्पन्न कर रहे थे। काफी देर तक चली इस बहस के बाद मौके पर तनावपूर्ण शांति बनी रही।