मुरादाबाद से न्याय की एक बड़ी खबर सामने आ रही है, जहाँ अदालत ने एक पुराने और संगीन मामले में अपना कड़ा फैसला सुनाया है। मासूम के साथ हुई ज्यादती के मामले में दोषी यूसुफ को उसके किए की भारी सजा मिली है। उत्तर प्रदेश पुलिस के प्रभावी पैरवी अभियान के तहत अब अपराधियों के बचने के सारे रास्ते बंद होते नजर आ रहे हैं।
10 साल की जेल और भारी जुर्माना
मुरादाबाद की विशेष अदालत ने पॉक्सो (POCSO) अधिनियम के तहत अभियुक्त यूसुफ को 10 साल के कठोर कारावास की सजा सुनाई है। 27 जनवरी 2026 को सुनाए गए इस फैसले में कोर्ट ने केवल जेल ही नहीं, बल्कि दोषी पर 32,000 रुपये का अर्थदंड (जुर्माना) भी लगाया है। अदालत के इस फैसले से इलाके में चर्चा तेज हो गई है कि कानून के हाथ वाकई लंबे होते हैं।
क्या था पूरा मामला?
यह खौफनाक वारदात ठाकुरद्वारा थाना क्षेत्र की है। पुलिस के मुताबिक, वार्ड नंबर 19 बहेडेवाला का रहने वाला यूसुफ (पुत्र बसीर) ने 17 अक्टूबर 2016 को एक मासूम बच्ची को अपनी हवस का शिकार बनाया था। यूसुफ पर आरोप था कि उसने पीड़िता को न केवल बहलाया-फुसलाया, बल्कि उसे डरा-धमकाकर उसके साथ बलात्कार किया। इतना ही नहीं, उसने मासूम को किसी को बताने पर जान से मारने की धमकी भी दी थी।
कानूनी कार्रवाई और पुलिस की पैरवी
घटना के बाद ठाकुरद्वारा थाने में मुकदमा दर्ज किया गया था। यूसुफ के खिलाफ धारा 363, 376, 506 और 3/4 पॉक्सो एक्ट के तहत गंभीर धाराओं में केस चला। इस मामले को अंजाम तक पहुंचाने में पुलिस और अभियोजन पक्ष ने काफी मेहनत की। विशेष न्यायाधीश पॉक्सो-1 अविनाश चंद्र मिश्र की अदालत में सुनवाई के दौरान सरकारी वकील मनोज कुमार वर्मा और अभिषेक भटनागर ने मजबूती से पक्ष रखा। इस पूरी जांच की कमान निरीक्षक रविंद्र प्रताप सिंह के हाथों में थी।
‘ऑपरेशन कन्विक्शन’ का दिखा असर
यूसुफ को मिली यह सजा उत्तर प्रदेश पुलिस महानिदेशक द्वारा चलाए जा रहे ‘कन्विक्शन अभियान’ की एक बड़ी सफलता मानी जा रही है। इस अभियान का मुख्य उद्देश्य जघन्य अपराधों में शामिल अपराधियों को जल्द से जल्द सलाखों के पीछे पहुँचाना है। पुलिस की सटीक पैरवी और कोर्ट की सख्ती ने आज एक बार फिर समाज को न्याय का संदेश दिया है।