नई दिल्ली: यूनिवर्सिटी और कॉलेजों में भेदभाव रोकने के लिए लाए गए यूजीसी (UGC) के नए नियमों को लेकर एक बड़ी खबर सामने आई है। सुप्रीम कोर्ट ने गुरुवार को कड़ा रुख अपनाते हुए यूनिवर्सिटी ग्रांट्स कमीशन के नए भेदभाव-विरोधी (Anti-Discrimination) नियमों पर फिलहाल रोक लगा दी है। अदालत के इस फैसले के बाद अब शिक्षा जगत में खलबली मच गई है।
नियमों में अस्पष्टता पर कोर्ट की फटकार
इस मामले की सुनवाई के दौरान माननीय अदालत ने बेहद गंभीर टिप्पणी की। सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि यूजीसी द्वारा तैयार की गई इन नई गाइडलाइंस में कई जगह ‘अस्पष्टता’ है। कोर्ट का मानना है कि नियमों में क्लैरिटी न होने की वजह से इनके गलत इस्तेमाल या दुरुपयोग की भारी आशंका बनी हुई है। इसी चिंता को देखते हुए अदालत ने इन पर फिलहाल ‘ब्रेक’ लगाने का फैसला किया।
केंद्र सरकार और UGC को मिला नोटिस
सुप्रीम कोर्ट ने इस पूरे विवाद पर केंद्र सरकार और यूजीसी को औपचारिक नोटिस जारी कर जवाब मांगा है। अदालत ने साफ कर दिया है कि जब तक इस मामले की अगली सुनवाई नहीं हो जाती, तब तक ये नए नियम ठंडे बस्ते में ही रहेंगे। यानी अभी कॉलेज कैंपस में नए नियमों का जोर नहीं चलेगा।
2012 वाली पुरानी गाइडलाइंस ही होंगी प्रभावी
छात्रों और संस्थानों के बीच भ्रम की स्थिति को दूर करते हुए कोर्ट ने यह स्पष्ट किया है कि फिलहाल यूनिवर्सिटीज में 2012 में जारी की गई पुरानी गाइडलाइंस ही लागू रहेंगी। पुराने नियम ही प्रभावी माने जाएंगे ताकि व्यवस्था में कोई रुकावट न आए। अब सबकी नजरें 19 मार्च पर टिकी हैं, जब इस मामले की अगली सुनवाई होगी।