रांची/चतरा: झारखंड के एक परिवार के लिए अपनों की जान बचाने की आखिरी उम्मीद पल भर में मातम में बदल गई। रांची से दिल्ली के लिए उड़ान भरने वाली एक एयर एम्बुलेंस चतरा जिले के घने जंगलों में दुर्घटनाग्रस्त हो गई। इस दिल दहला देने वाले हादसे में विमान में सवार मरीज, उनकी पत्नी और डॉक्टर समेत सभी 7 लोगों की मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई।
उम्मीद की उड़ान और कुदरत का कहर
रेडबर्ड एयरवेज प्राइवेट लिमिटेड द्वारा संचालित बीचक्राफ्ट C90 एयर एम्बुलेंस ने सोमवार शाम 7:11 बजे रांची एयरपोर्ट से रनवे छोड़ा था। विमान गंभीर रूप से झुलसे होटल व्यवसायी संजय कुमार शॉ को बेहतर इलाज के लिए दिल्ली के श्री गंगा राम अस्पताल ले जा रहा था। उड़ान भरने के महज 20 मिनट बाद ही विमान का एयर ट्रैफिक कंट्रोल (ATC) से संपर्क टूट गया और देखते ही देखते यह चतरा के जंगलों में गिरकर मलबे में तब्दील हो गया। शुरुआती जांच में खराब मौसम को इस हादसे की बड़ी वजह माना जा रहा है।
इन 7 लोगों ने गंवाई अपनी जान
इस दुखद हादसे ने सात परिवारों को उम्र भर का गम दे दिया है। मृतकों में शामिल हैं:
- मरीज: संजय कुमार शॉ
- मरीज के परिजन: पत्नी अर्चना देवी और रिश्तेदार ध्रुव कुमार
- मेडिकल टीम: डॉक्टर विकास कुमार गुप्ता और नर्स सचिन कुमार मिश्रा
- पायलट: कैप्टन विवेक विकास भगत और कैप्टन सवराजदीप सिंह
कर्ज के लाखों रुपए और बचाने की जद्दोजहद
संजय कुमार शॉ झारखंड के लातेहार (चंदवा) में अपना होटल चलाते थे। बीते सोमवार होटल में शॉर्ट सर्किट से लगी आग ने उनकी खुशियां छीन लीं। वह 65 प्रतिशत तक झुलस गए थे। रांची के अस्पताल में सुधार न होने पर डॉक्टरों ने उन्हें दिल्ली रेफर किया। एयर एम्बुलेंस का खर्च उठाने के लिए मध्यमवर्गीय परिवार ने अपनी पूरी ताकत झोंक दी थी। रिश्तेदारों और करीबियों से 7.5 लाख रुपये उधार लिए गए थे ताकि संजय को नया जीवन मिल सके, लेकिन नियति को कुछ और ही मंजूर था।
मातम में बदला लातेहार का चंदवा इलाका
हादसे की खबर मिलते ही लातेहार और रांची में शोक की लहर दौड़ गई है। जिस परिवार ने चंद घंटे पहले अपनों की सलामती की दुआ मांगते हुए उन्हें विदा किया था, वहां अब केवल सन्नाटा और चीखें हैं। पुलिस और बचाव दल ने चतरा के वन क्षेत्र से शवों को बरामद कर लिया है। विमानन विभाग (DGCA) ने मामले की उच्च स्तरीय जांच के आदेश दे दिए हैं।