रामपुर की जिला जेल में बंद समाजवादी पार्टी के दिग्गज नेता और पूर्व सांसद आजम खान से मिलने आज उनका परिवार पहुँचा। इस मुलाकात ने सियासी गलियारों में एक बार फिर हलचल तेज कर दी है। आजम खान की पत्नी तंजीन फातिमा, उनके बड़े बेटे अदीब आजम खान और बहन निखत अखलाक ने जेल जाकर उनसे मुलाकात की।
आधे घंटे तक चली परिवार की गुफ्तगू
जेल के सूत्रों के मुताबिक, यह मुलाकात करीब आधे घंटे से एक घंटे तक चली। आजम खान से मिलने के बाद जब पत्नी, बेटे और बहन बाहर निकले, तो उन्होंने मीडिया के कैमरों से पूरी तरह दूरी बनाए रखी और बिना कुछ कहे वहां से रवाना हो गए। लंबे समय बाद परिवार के सदस्यों के बीच हुई इस बातचीत को काफी अहम माना जा रहा है।
क्यों सलाखों के पीछे हैं पिता-पुत्र?
आपको बता दें कि आजम खान और उनके छोटे बेटे अब्दुल्ला आजम फिलहाल 7 साल की सजा काट रहे हैं। 17 नवंबर 2025 को कोर्ट ने पैन कार्ड से जुड़ी गड़बड़ी के मामले में दोनों को दोषी पाते हुए यह सजा सुनाई थी। इसी मामले के चलते दोनों पिता-पुत्र रामपुर जेल में बंद हैं। बीजेपी विधायक आकाश सक्सेना ‘हनी’ की शिकायत पर दर्ज इस मामले ने आजम परिवार की मुश्किलें बढ़ा दी हैं।
दो पैन कार्ड और साजिश का पूरा खेल
रामपुर की एमपी-एमएलए कोर्ट ने धोखाधड़ी, जालसाजी और आपराधिक साजिश जैसी गंभीर धाराओं में आजम खान को दोषी पाया है। आरोप है कि अब्दुल्ला आजम ने चुनाव लड़ने के लिए अलग-अलग जन्मतिथि के आधार पर दो पैन कार्ड बनवाए थे। कोर्ट ने माना कि इस फर्जीवाड़े में आजम खान ने न केवल सहयोग किया, बल्कि वह पूरी साजिश का हिस्सा भी थे।
गमगीन माहौल में मांगी थी पैरोल
हाल ही में आजम खान के घर में शोक का माहौल था। 15 दिसंबर 2025 को आजम खान की भाभी सलमा शहनाज का इंतकाल हो गया था। उस वक्त आजम खान ने उनके जनाजे में शामिल होने के लिए पैरोल की गुहार लगाई थी। उनके भांजे फरहान खान ने जिला मजिस्ट्रेट को पत्र लिखकर मानवीय आधार पर अंतिम संस्कार में शामिल होने की अनुमति मांगी थी, जिसमें कहा गया था कि यह उनका वैधानिक अधिकार है।