नई दिल्ली: वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने रविवार को लोकसभा में वित्त वर्ष 2026-27 का आम बजट पेश कर दिया है। मोदी सरकार के इस कार्यकाल में वित्त मंत्री के तौर पर यह उनका लगातार 9वां बजट रहा। अपने लंबे बजट भाषण में उन्होंने कस्टम ड्यूटी (सीमा शुल्क) को लेकर कई बड़े ऐलान किए, जिनका सीधा असर आपकी रसोई से लेकर आपकी जेब तक पड़ने वाला है।
आखिर क्यों बदला गया कस्टम ड्यूटी का गणित?
बजट के दौरान वित्त मंत्री ने साफ किया कि सरकार का पूरा जोर ‘मेक इन इंडिया’ को और मजबूत करने पर है। उन्होंने बताया कि उन चीजों पर कस्टम ड्यूटी घटाई गई है, जिनका निर्माण भारत में होता है। इससे न केवल घरेलू उद्योगों को संजीवनी मिलेगी, बल्कि विदेशों में होने वाले हमारे निर्यात को भी रफ्तार मिलेगी। लेदर और टेक्सटाइल जैसे बड़े सेक्टर्स को ड्यूटी फ्री करने का कदम इसी दिशा में उठाया गया है। साथ ही, रक्षा क्षेत्र में भी बेसिक कस्टम ड्यूटी में राहत दी गई है ताकि भारत रक्षा के मामले में आत्मनिर्भर बन सके।
आम जनता की मौज! अब ये चीजें मिलेंगी सस्ती
अगर आप नया फोन खरीदने या घर का सामान लेने की सोच रहे हैं, तो आपके लिए अच्छी खबर है। बजट के बाद कई टेक्नोलॉजी और रोजमर्रा की चीजों के दाम गिरने वाले हैं। सरकार ने कैंसर और डायबिटीज की 17 बेहद जरूरी दवाओं को ड्यूटी फ्री कर दिया है, जिससे मरीजों को बड़ी राहत मिलेगी।
इसके अलावा, मोबाइल फोन की बैटरी, लिथियम-आयन सेल और इलेक्ट्रिक वाहनों (EV) पर राहत मिलने से ई-गाड़ियां और गैजेट्स सस्ते होंगे। कपड़े, चमड़े के जूते, सोलर ग्लास, मिक्स्ड गैस सीएनजी और माइक्रोवेव ओवन की कीमतों में भी कटौती होने की पूरी उम्मीद है। वहीं, हवाई ईंधन के दाम घटने से हवाई सफर पर भी सकारात्मक असर दिख सकता है।
इन चीजों ने बिगाड़ा बजट, देना होगा ज्यादा दाम
एक तरफ जहां कई चीजें सस्ती हुई हैं, वहीं कुछ चीजों पर महंगाई की मार भी पड़ी है। सरकार ने राजस्व बढ़ाने और गैर-जरूरी आयात को रोकने के लिए कुछ सेक्टर्स में कस्टम ड्यूटी बढ़ा दी है। इसमें सबसे ऊपर शराब और स्क्रैप को रखा गया है। इसके अलावा, खनिज और उनसे जुड़े उत्पादों पर भी ड्यूटी बढ़ने से इनसे जुड़ी चीजें महंगी हो सकती हैं।
क्या कहता है बजट का पूरा सार?
देखा जाए तो बजट 2026 के जरिए सरकार ने हेल्थ सेक्टर, ग्रीन एनर्जी और घरेलू मैन्युफैक्चरिंग को बूस्ट देने की कोशिश की है। आम आदमी के लिए राहत की बात यह है कि मोबाइल और दवाओं जैसी बुनियादी जरूरतें अब सस्ती होंगी। आने वाले कुछ हफ्तों में जब इन फैसलों का असर बाजार में दिखेगा, तब आपकी शॉपिंग लिस्ट का बजट काफी हद तक बदल चुका होगा।