देहरादून/दिल्ली: देवभूमि को झकझोर देने वाले अंकिता भंडारी हत्याकांड में आखिरकार वो मोड़ आ ही गया जिसका पूरे उत्तराखंड को इंतजार था। सेंट्रल ब्यूरो ऑफ इन्वेस्टिगेशन (CBI) की दिल्ली स्पेशल क्राइम ब्रांच (शाखा-2) ने इस मामले में दिल्ली में मुकदमा दर्ज कर लिया है। खबर मिलते ही सीबीआई की एक हाई-प्रोफाइल टीम देहरादून और ऋषिकेश पहुंच चुकी है, ताकि इस सनसनीखेज केस के सबूतों को फिर से खंगाला जा सके।
क्या है पूरा मामला और ‘VIP’ का रहस्य?
सितंबर 2022 में ऋषिकेश के वनंतरा रिसॉर्ट में रिसेप्शनिस्ट अंकिता भंडारी की बेरहमी से हत्या कर दी गई थी। इस मामले में रिसॉर्ट मालिक पुलकित आर्य और उसके दो साथियों को गिरफ्तार किया गया था। लेकिन मामला तब और गरमा गया जब सोशल मीडिया पर एक ऑडियो और वीडियो वायरल हुआ, जिसमें एक ‘VIP’ का जिक्र किया गया। आरोप लगे कि अंकिता पर उस वीआईपी को ‘विशेष सेवाएं’ देने का दबाव बनाया गया था, जिसे इनकार करने पर उसकी जान ले ली गई।
मुख्यमंत्री की सिफारिश के बाद CBI एक्शन में
राज्य में लंबे समय तक चले जनांदोलनों और राजनीतिक दबाव के बाद, मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने 9 जनवरी 2026 को इस मामले की सीबीआई जांच की सिफारिश की थी। इसी कड़ी में अब सीबीआई की स्पेशल क्राइम ब्रांच ने उस कथित ‘वीआईपी’ व्यक्ति के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर गहराई से जांच शुरू कर दी है। सीबीआई की टीम अब उन बंद दरवाजों के पीछे का सच सामने लाएगी जिसे अब तक दबाया जा रहा था।
डिजिटल साक्ष्य और बैंक डिटेल्स खंगालेगी टीम
सीबीआई की जांच अब बहुत एडवांस लेवल पर होने वाली है। बताया जा रहा है कि टीम उन सभी डिजिटल साक्ष्यों, बैंकिंग ट्रांजेक्शन, कॉल डिटेल्स और वायरल हुए ऑडियो-वीडियो की बारीकी से समीक्षा करेगी। इसके अलावा, पुराने गवाहों के बयानों और केस से जुड़े अहम दस्तावेजों को फिर से वेरीफाई किया जाएगा। सीबीआई का ऋषिकेश पहुंचना इस बात का संकेत है कि अब इस मामले के असली मास्टरमाइंड की खैर नहीं है।