अमरावती: आंध्र प्रदेश की राजनीति में इस वक्त भूचाल आया हुआ है। पूर्व मुख्यमंत्री वाईएस जगन मोहन रेड्डी की पार्टी वाईएसआरसीपी (YSRCP) ने चंद्रबाबू नायडू की टीडीपी (TDP) सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। सोमवार को पार्टी के वरिष्ठ नेताओं ने राज्य के मौजूदा हालातों को ‘जंगलराज’ करार देते हुए कहा कि प्रदेश में कानून-व्यवस्था पूरी तरह से ध्वस्त हो चुकी है। अब यह लड़ाई सिर्फ राज्य तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि इसे राष्ट्रीय मंच पर ले जाया जाएगा।
मंत्रियों पर हमले से भड़के वाईएसआरसीपी नेता
जगन मोहन रेड्डी के निर्देश पर हुई एक हाई-लेवल मीटिंग में सज्जाला रामकृष्ण रेड्डी और बोत्सा सत्यनारायण जैसे दिग्गज नेताओं ने सरकार को आड़े हाथों लिया। पार्टी ने पूर्व मंत्री अंबाती रामबाबू पर हुए जानलेवा हमले और जोगी रमेश के घर पर हुई हिंसा को लेकर गहरी चिंता जताई। वाईएसआरसीपी का आरोप है कि नायडू सरकार धमकियों और हमलों के जरिए विपक्ष का मुंह बंद करना चाहती है। नेताओं ने दो टूक कहा कि वे ऐसी हरकतों से डरने वाले नहीं हैं और अपना संघर्ष और तेज करेंगे।
लड्डू विवाद और पुलिस की भूमिका पर सवाल
वाईएसआरसीपी ने तिरुमाला लड्डू प्रसाद विवाद को लेकर भी मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू को घेरा। नेताओं का कहना है कि सीएम के बयानों ने करोड़ों भक्तों की आस्था को ठेस पहुंचाई है, जिसके लिए उन्हें सार्वजनिक रूप से माफी मांगनी चाहिए। इसके अलावा, पार्टी ने पुलिस प्रशासन पर भी गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि पुलिस अब टीडीपी के इशारे पर काम कर रही है। मदद मांगने पर सुरक्षा नहीं दी जाती, बल्कि उलटा पीड़ितों पर ही मुकदमे दर्ज किए जा रहे हैं।
अब दिल्ली कूच की तैयारी, केंद्रीय बलों की मांग
वाईएसआरसीपी ने एलान किया है कि वे राज्य के इन हालातों की शिकायत लेकर अब दिल्ली जाएंगे। पार्टी राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (NHRC) और अदालतों का दरवाजा खटखटाने वाली है। मीडिया से बात करते हुए कुरनूल पार्टी अध्यक्ष एसवी मोहन रेड्डी ने दावा किया कि टीडीपी के लोग कानून हाथ में ले रहे हैं और यह सब शीर्ष नेतृत्व के इशारे पर हो रहा है। पार्टी ने आंध्र प्रदेश में सुरक्षा के लिए केंद्रीय बलों (Central Forces) की तैनाती की भी पुरजोर मांग की है।