बांदा/नोएडा: बांदा जेल से बाहर निकलते ही पश्चिमी उत्तर प्रदेश का कुख्यात स्क्रैप माफिया रवि काना रहस्यमयी तरीके से गायब हो गया है। पुलिस की छह टीमें बांदा से लेकर दिल्ली तक खाक छान रही हैं, लेकिन माफिया का कहीं कोई अता-पता नहीं चल रहा है। आलम यह है कि पुलिस अब नेपाल बॉर्डर पर भी पैनी नजर रख रही है, ताकि आरोपी देश छोड़कर न भाग सके।
जेल के बाहर से ही शुरू हुआ ‘गायब’ होने का खेल
रवि काना पर स्क्रैप कारोबार के नाम पर कई गंभीर आपराधिक वारदातों को अंजाम देने का आरोप है। बताया जा रहा है कि जिस वक्त वह जेल से रिहा हुआ, उसके परिजन और करीबी दो गाड़ियों के साथ पहले से ही वहां मौजूद थे। जेल की दहलीज पार करते ही रवि काना गाड़ियों के काफिले के साथ ओझल हो गया। चौंकाने वाली बात यह है कि उसके साथ मौजूद ज्यादातर करीबियों के मोबाइल फोन अब बंद आ रहे हैं, जिससे पुलिस की मुश्किलें और बढ़ गई हैं।
पुलिस खंगाल रही है चप्पा-चप्पा
अब नोएडा और बांदा पुलिस की टीमें यह पता लगाने में जुटी हैं कि रवि काना जेल से निकलने के बाद आखिर किस गाड़ी में बैठकर रवाना हुआ। पुलिस को डर है कि रवि काना के गायब होने के बाद उसका गिरोह फिर से सक्रिय हो सकता है, इसलिए गैंग के पुराने सदस्यों पर भी कड़ी निगरानी रखी जा रही है। उसके संभावित ठिकानों पर ताबड़तोड़ दबिश दी जा रही है।
तीन राज्यों में फैला था आतंक का साम्राज्य
पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, रवि काना का स्क्रैप कारोबार सिर्फ नोएडा या पश्चिमी यूपी तक सीमित नहीं था। उसने हरियाणा और राजस्थान जैसे राज्यों में भी अपना खौफ फैला रखा था। वह डरा-धमकाकर और गुर्गों के दम पर जबरन स्क्रैप के ठेके लेता था। अगर कोई ठेका देने से इनकार करता, तो गिरोह के सदस्य उसे जान से मारने की धमकी देते थे। जबरन वसूली का यह काला कारोबार कई राज्यों में फैला हुआ था, जिसकी अब पुलिस गहराई से जांच कर रही है।