नई दिल्ली: दुनिया भर की अर्थव्यवस्था में अरबपतियों का दबदबा एक बार फिर बढ़ता नजर आ रहा है। ताजा रिपोर्ट्स के मुताबिक, साल 2026 की शुरुआत तक दुनिया भर में अरबपतियों की संख्या 2600 से बढ़कर अब 3,000 के आंकड़े को पार कर गई है। दिलचस्प बात यह है कि दुनिया के कुल अरबपतियों में से एक-तिहाई से भी ज्यादा हिस्सा अकेले अमेरिका के पास है। किसी भी देश के लिए अरबपतियों की बढ़ती संख्या वहां की मजबूत इकोनॉमी और बढ़ते व्यापार का सीधा संकेत होती है।
अमेरिका का दबदबा बरकरार: एलन मस्क बने ‘सुपर रिच’
अरबपतियों की संख्या के मामले में अमेरिका आज भी दुनिया का बेताज बादशाह बना हुआ है। साल 2026 के आंकड़ों के अनुसार, अमेरिका में लगभग 902 अरबपति रहते हैं। इस लिस्ट में सबसे ऊपर नाम है टेस्ला और स्पेसएक्स के मालिक एलन मस्क (Elon Musk) का। एलन मस्क की नेटवर्थ अब 700 बिलियन डॉलर के पार पहुँच चुकी है, जो उन्हें इतिहास का सबसे अमीर व्यक्ति बनाती है। अमेरिका की यह बढ़ती दौलत वहां के टेक और स्टार्टअप सेक्टर की मजबूती को दर्शाती है।
दूसरे नंबर पर चीन: झांग यिमिंग का जलवा
चीन इस लिस्ट में दूसरे पायदान पर बना हुआ है। चीन में अरबपतियों की संख्या लगभग 450 है। हालांकि, पिछले कुछ वर्षों में चीन के टेक और रियल एस्टेट सेक्टर में उतार-चढ़ाव देखे गए हैं, लेकिन फिर भी वहां नए-नए अरबपति उभर रहे हैं। चीन के सबसे मशहूर अरबपतियों में ‘बाइटडांस’ (TikTok की पैरेंट कंपनी) के फाउंडर झांग यिमिंग (Zhang Yiming) का नाम सबसे ऊपर है, जिनका कारोबार दुनिया भर में फैला हुआ है।
तीसरे नंबर पर भारत का कब्जा: मुकेश अंबानी ‘किंग’
भारत ने इस लिस्ट में अपनी स्थिति और भी मजबूत कर ली है। लगभग 205 अरबपतियों के साथ भारत दुनिया में तीसरे स्थान पर है और यह संख्या हर साल तेजी से बढ़ रही है। भारतीय अरबपतियों की सूची में रिलायंस इंडस्ट्रीज के सर्वेसर्वा मुकेश अंबानी (Mukesh Ambani) का नाम सबसे ऊपर है। टेलिकॉम से लेकर रिटेल और ग्रीन एनर्जी तक, अंबानी का साम्राज्य आज भारत की आर्थिक ग्रोथ का मुख्य हिस्सा बन चुका है। उनके बाद गौतम अडानी भी इस लिस्ट में मजबूती से बने हुए हैं।