मुरादाबाद: कहते हैं कि प्यार की कोई सीमा नहीं होती और जब दो दिल एक-दूसरे के साथ रहने की ठान लें, तो फिर समाज की बंदिशें भी फीकी पड़ जाती हैं। कुछ ऐसा ही अनोखा मामला मुरादाबाद और रामपुर से सामने आया है, जहां दो युवतियों ने दुनिया की परवाह किए बिना एक-दूसरे के साथ जीवन बिताने का फैसला कर लिया है। परिजनों ने लाख समझाया, पुलिस ने घंटों काउंसलिंग की, लेकिन इन दोनों सहेलियों के सिर पर इश्क का ऐसा खुमार था कि वे अपने फैसले से टस से मस नहीं हुईं।
बुआ के घर शुरू हुई थी ये अनोखी लव स्टोरी
इस कहानी की शुरुआत करीब एक साल पहले हुई थी। मुरादाबाद के भगतपुर इलाके की रहने वाली एक युवती रामपुर जिले के टांडा में अपनी बुआ के घर गई थी। वहीं उसकी मुलाकात पड़ोस में रहने वाली एक दूसरी युवती से हुई। पहले दोनों में दोस्ती हुई और फिर मोबाइल नंबरों के आदान-प्रदान के बाद बातचीत का सिलसिला शुरू हो गया। देखते ही देखते यह दोस्ती प्यार में बदल गई और दोनों ने साथ जीने-मरने की कसमें खा लीं।
घर से भागकर भरी एक-दूसरे की मांग
बीती 31 जनवरी को इस प्रेम कहानी ने एक नया मोड़ लिया। भगतपुर की युवती अचानक अपने घर से लापता हो गई और ठीक उसी दिन रामपुर की युवती भी अपने घर से निकल गई। दोनों मुरादाबाद में मिलीं और वहां एक-दूसरे की मांग भरकर ‘पति-पत्नी’ की तरह साथ रहने का अटूट फैसला कर लिया। जब दोनों अपने घरों को नहीं लौटीं, तो परिजनों ने पुलिस में गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई। पुलिस और परिवार दोनों उनकी तलाश में जुटे थे, लेकिन युवतियां सीधे बिलारी थाने पहुंच गईं और अपनी जान का खतरा बताते हुए सुरक्षा की गुहार लगाई।
कोर्ट में बोलीं- ‘हमें कोई अलग नहीं कर सकता’
मामला गंभीर होते देख पुलिस ने उन्हें वन स्टॉप सेंटर भेज दिया। सोमवार को पुलिस और परिजनों ने उन्हें काफी समझाने की कोशिश की कि वे अपने घर लौट जाएं, लेकिन दोनों ने साफ कह दिया कि वे बालिग हैं और अपनी मर्जी से साथ रहना चाहती हैं। मंगलवार को जब मामला कोर्ट पहुंचा, तो भगतपुर की युवती ने अपने बयान में खुद को बालिग बताया और कहा कि उसने शादी कर ली है। कानूनन बालिग होने के कारण कोर्ट ने उन्हें साथ जाने की इजाजत दे दी, जिसके बाद दोनों सहेलियां हाथ पकड़कर नई जिंदगी की शुरुआत करने निकल पड़ीं।