पटना में नीट (NEET) की तैयारी कर रही छात्रा की संदिग्ध मौत का मामला अब पूरी तरह सुलग चुका है। इस मामले में ब्रह्मेश्वर मुखिया की बहू रूबी देवी ने एक बार फिर ऐसा विवादित बयान दिया है, जिससे बिहार के सियासी गलियारों और प्रशासनिक खेमे में हड़कंप मच गया है। छात्रा को न्याय दिलाने की मांग को लेकर निकले आक्रोश मार्च के दौरान रूबी देवी ने सीधे तौर पर सरकार को चुनौती दे डाली है।
नीतीश-सम्राट को अल्टीमेटम: ‘जहानाबाद तो झांकी है…’
जहानाबाद की सड़कों पर मंगलवार (03 फरवरी, 2026) को लोगों का हुजूम उमड़ा था। मृतका के गांव से कारगिल चौक तक निकाले गए पैदल मार्च के दौरान रूबी देवी ने तीखे तेवर अपनाते हुए कहा कि अगर सम्राट चौधरी और नीतीश कुमार इस्तीफा नहीं देते हैं, तो वे विधानसभा फूंक देंगी। नारेबाजी के बीच उन्होंने चेतावनी दी कि “जहानाबाद तो बस एक झांकी है, अभी पटना और दिल्ली का तमाशा बाकी है।” उन्होंने मृत छात्रा की तुलना ब्रह्मेश्वर मुखिया से करते हुए उसे ‘अमर’ बता दिया।
बम और कट्टे की धमकी से दहला इलाका
रूबी कुमारी यहीं नहीं रुकीं, उन्होंने बेहद हिंसक लहजे में कहा कि उस अस्पताल और गर्ल्स हॉस्टल पर बम गिरेंगे और कट्टे चलेंगे जहाँ यह घटना हुई। उन्होंने जाँच के तरीके पर भी सवाल उठाए। रूबी ने मांग की कि जिस तरह पीड़ित परिवार के लोगों से डीएनए (DNA) सैंपल लिए गए हैं, ठीक उसी तरह बीजेपी और एनडीए के सभी सांसदों, विधायकों और उनके बेटों के भी सैंपल लिए जाएं ताकि दूध का दूध और पानी का पानी हो सके।
कार्रवाई में देरी से फूट रहा है जनता का गुस्सा
छात्रा की मौत को करीब एक महीना बीतने को है, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई न होने से ग्रामीण और छात्र संगठन भड़के हुए हैं। रूबी देवी का आरोप है कि पुलिस ने अब तक हॉस्टल संचालक, अस्पताल के डॉक्टर या नीतू अग्रवाल की भूमिका को लेकर कुछ भी साफ नहीं किया है। उन्होंने सवाल उठाया कि मुख्य आरोपी मनीष रंजन को अब तक रिमांड पर क्यों नहीं लिया गया? जनता का आरोप है कि मामले को दबाने की कोशिश की जा रही है।
सरकार का बचाव: अपराधियों को नहीं मिलेगा संरक्षण
दूसरी तरफ, बढ़ते दबाव के बीच बिहार सरकार के मंत्री अशोक चौधरी ने सोमवार (02 फरवरी, 2026) को बयान जारी कर सफाई दी। उन्होंने कहा कि नीतीश कुमार की सरकार अपराधियों को संरक्षण देने वाली सरकार नहीं है। उन्होंने जनता को भरोसा दिलाया कि जाँच तेज गति से चल रही है और अगले दो से तीन दिनों के भीतर पूरी सच्चाई सबके सामने आ जाएगी। हालांकि, रूबी देवी के तीखे बयानों ने मामले को बेहद संवेदनशील बना दिया है।