बिजनौर: उत्तर प्रदेश में अवैध कब्जों के खिलाफ योगी सरकार का हंटर लगातार चल रहा है। अब बिजनौर के स्योहारा में स्थित चर्चित ‘उमर इंटरनेशनल मीट फैक्ट्री’ के मालिक हाजी अतीक अहमद की मुश्किलें कम होने का नाम नहीं ले रही हैं। चार दिन पहले फैक्ट्री के अवैध हिस्से पर बुलडोजर चलने के बाद, अब सरकारी जमीन कब्जाने के आरोप में उनके खिलाफ एक और नया मुकदमा दर्ज किया गया है।
सरकारी रास्ते और नाले पर अवैध कब्जे का आरोप
सहसपुर देहात के ग्राम प्रधान मोहम्मद आदिल की तहरीर पर पुलिस ने यह बड़ी कार्रवाई की है। आरोप है कि मीट प्लांट के मालिक ने सरकारी रास्ते (खसरा संख्या 3) और नाले की जमीन (खसरा संख्या 53) पर अवैध रूप से बाउंड्री वॉल और गेट बनाकर कब्जा कर रखा था। सोमवार को ही डीएम के आदेश पर एसडीएम स्मृति मिश्रा के नेतृत्व में भारी पुलिस बल और तीन जेसीबी मशीनों के साथ यहां ध्वस्तीकरण की कार्रवाई की गई थी, जिसमें करीब 38 मीटर क्षेत्र को अतिक्रमण मुक्त कराया गया था।
8 साल बाद सील खुलते ही विवादों का घेरा
हाजी अतीक अहमद ने इस फैक्ट्री की शुरुआत साल 2013 में की थी। हालांकि, 2018 में जांच के दौरान प्रदूषण मानकों की अनदेखी, खून के निस्तारण की गलत व्यवस्था और अग्निशमन नियमों के उल्लंघन के कारण प्रशासन ने इसे सील कर दिया था। करीब आठ साल तक बंद रहने के बाद, 20 जनवरी को हाईकोर्ट के आदेश पर इसकी सील खोली गई थी। लेकिन सील खुलते ही यह फैक्ट्री नए विवादों में फंस गई।
फर्जी एनओसी और धोखाधड़ी का बड़ा खेल
सील खुलने के बाद जब दस्तावेजों की जांच हुई, तो एक बड़ा फर्जीवाड़ा सामने आया। आरोप है कि फैक्ट्री मालिक ने दोबारा संचालन शुरू करने के लिए नगर पंचायत सहसपुर की चेयरपर्सन, 15 सभासदों और दो ग्राम प्रधानों के नाम से फर्जी अनापत्ति प्रमाण पत्र (NOC) तैयार करवा लिए थे। जब इन जनप्रतिनिधियों को इसकी भनक लगी, तो उन्होंने शिकायत दर्ज कराई, जिसके बाद पुलिस ने धोखाधड़ी और फर्जी दस्तावेज तैयार करने की धाराओं में पहले ही एक केस दर्ज कर लिया था।
पुलिस और प्रशासन का सख्त रुख
इस पूरे मामले पर क्षेत्राधिकारी (CO) धामपुर, अभय कुमार पाण्डेय ने सख्त लहजे में कहा है कि सरकारी संपत्ति पर किसी भी तरह का अतिक्रमण बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने पुष्टि की कि चार दिन पहले हटाए गए अतिक्रमण के बाद अब ग्राम प्रधान की शिकायत पर विधिवत कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी गई है। फैक्ट्री मालिक पर अब शिकंजा और कसता जा रहा है।