उत्तर प्रदेश में झमाझम बारिश का दौर थमते ही अब मौसम ने एक नई करवट ले ली है। आसमान साफ होते ही पछुआ हवाओं ने दस्तक दे दी है, जिससे सुबह और शाम की कनकनी काफी बढ़ गई है। हवा में नमी के चलते बुधवार की सुबह तराई और आसपास के जिलों में कोहरे की चादर बिछी रही। आगरा, गाजियाबाद, प्रयागराज और कानपुर जैसे बड़े शहरों में तो आलम यह था कि विजिबिलिटी (दृश्यता) लगभग शून्य तक पहुँच गई, जिससे सड़कों पर गाड़ियों की रफ्तार थम गई। वहीं, बाराबंकी में 20 मीटर और सुल्तानपुर में महज 30 मीटर की दृश्यता रिकॉर्ड की गई।
13 जिलों में घने कोहरे का ‘ऑरेंज अलर्ट’
मौसम विभाग ने आने वाले समय के लिए चेतावनी जारी कर दी है। बृहस्पतिवार को तराई बेल्ट के 13 जिलों के लिए घने कोहरे का ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। लखनऊ मौसम केंद्र के वरिष्ठ वैज्ञानिक अतुल कुमार सिंह के मुताबिक, पश्चिमी विक्षोभ का असर अब कम हो रहा है। इसके असर से शुक्रवार से पूरे प्रदेश में 15 से 20 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से ठंडी पछुआ हवाएं चलेंगी। इससे रात के तापमान में 2 से 3 डिग्री सेल्सियस की और गिरावट आ सकती है, हालांकि हवा चलने से कोहरा धीरे-धीरे छंटने की उम्मीद है।
संभल में हुई रिकॉर्ड तोड़ बारिश
फरवरी के शुरुआती चार दिनों ने बारिश के मामले में सबको चौंका दिया है। आंकड़ों पर नजर डालें तो संभल जिला बारिश के मामले में सबसे आगे रहा, जहाँ सर्वाधिक 73.9 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई। इसके बाद मेरठ में 51.8 मिलीमीटर और बागपत में 41.3 मिलीमीटर बारिश रिकॉर्ड हुई है। इस बेमौसम बारिश ने न सिर्फ फसलों पर असर डाला है, बल्कि सर्दी का अहसास भी दोबारा बढ़ा दिया है।
इन इलाकों में संभलकर रहने की जरूरत
मौसम विभाग ने कुशीनगर, महाराजगंज, सिद्धार्थ नगर, बलरामपुर, श्रावस्ती, बहराइच, लखीमपुर खीरी, सहारनपुर, बिजनौर, मुरादाबाद, रामपुर, बरेली और पीलीभीत में घने कोहरे का ऑरेंज अलर्ट दिया है। इसके अलावा बांदा, चित्रकूट, प्रयागराज, वाराणसी, गोरखपुर, कानपुर, मेरठ, आगरा और झांसी समेत दर्जनों जिलों में भी धुंध और मध्यम कोहरा छाए रहने की संभावना है। अगर आप इन रास्तों पर सफर कर रहे हैं, तो विशेष सावधानी बरतें।