राजधानी दिल्ली के जनकपुरी में एक बार फिर लापरवाही की भेंट चढ़ी जान ने राजनीतिक गलियारों में तूफान ला दिया है। पीडब्ल्यूडी (PWD) की सड़क पर दिल्ली जल बोर्ड द्वारा खोदे गए एक जानलेवा गड्ढे ने 25 साल के युवक कमल की जिंदगी लील ली। आम आदमी पार्टी (AAP) ने इस घटना को सीधे तौर पर ‘सरकारी हत्या’ करार दिया है। पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने गहरा दुख जताते हुए कहा कि यह कोई इत्तफाक नहीं बल्कि प्रशासन की घोर लापरवाही है। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि बीजेपी सरकारों ने नोएडा की पिछली घटना से कुछ नहीं सीखा और जनता अपनी जान देकर इसकी कीमत चुका रही है।
रात भर 6 थानों के चक्कर काटता रहा परिवार:
सौरभ भारद्वाज दिल्ली प्रदेश अध्यक्ष सौरभ भारद्वाज ने प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान पुलिस और प्रशासन की संवेदनहीनता की रोंगटे खड़े कर देने वाली कहानी सुनाई। उन्होंने बताया कि रोहिणी के कॉल सेंटर में काम करने वाला कमल गुरुवार रात जब घर नहीं लौटा, तो उसके परिजन रात भर रोहिणी, पालम और जनकपुरी समेत 6 अलग-अलग थानों के चक्कर काटते रहे। लेकिन आरोप है कि किसी भी थाने ने एफआईआर दर्ज नहीं की। सागरपुर थाने के एक पुलिसकर्मी ने तो यहाँ तक कह दिया कि ‘पूरी दुनिया खो रही है, सिर्फ तुम्हारा भाई ही नहीं।’
लीपापोती और लोकेशन का रहस्य
सौरभ भारद्वाज ने क्षेत्रीय मंत्री आशीष सूद पर ‘लीपापोती’ का गंभीर आरोप लगाया है। जहाँ मंत्री दावा कर रहे हैं कि सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम थे, वहीं चश्मदीदों का कहना है कि बैरिकेडिंग और पर्दे शुक्रवार सुबह पुलिस के आने के बाद लगाए गए। आप नेता ने सवाल उठाया कि पुलिस ने परिवार को भेजी गई कमल की लोकेशन को तुरंत डिलीट क्यों किया? उन्होंने मांग की है कि उस इलाके की सीसीटीवी फुटेज सार्वजनिक की जाए ताकि सच सामने आ सके कि क्या वाकई वहां कोई चेतावनी बोर्ड लगा था।