देश की राजधानी दिल्ली के जनकपुरी इलाके से एक रूह कंपा देने वाली खबर सामने आई है। यहाँ दिल्ली जल बोर्ड की ओर से निर्माण कार्य के लिए खोदे गए एक गहरे गड्ढे में गिरने से एक बाइक सवार युवक की जान चली गई। मृतक की पहचान कैलाशपुरी निवासी कमल के रूप में हुई है, जो एक निजी बैंक के कॉल सेंटर में काम करता था। शुक्रवार सुबह जब पुलिस मौके पर पहुंची, तो गड्ढे के अंदर कमल का शव और उसकी मोटरसाइकिल बरामद हुई। इस घटना ने दिल्ली की सड़कों पर सुरक्षा और सरकारी विभागों की जवाबदेही पर बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं।
जवाबदेही से भागती सत्ता असली कातिल:
राहुल गांधी लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने इस घटना पर तीखी प्रतिक्रिया देते हुए इसे ‘हत्या’ करार दिया है। उन्होंने सोशल मीडिया पर अपना गुस्सा जाहिर करते हुए कहा, “हिंदुस्तान में फैली लालच और लापरवाही की महामारी ने आज फिर एक युवा की जान ले ली। यह हादसा नहीं, हत्या है और हत्यारी है जवाबदेही से भागती सत्ता।” राहुल ने इंदौर के जहरीले पानी और नोएडा की सड़कों का उदाहरण देते हुए कहा कि जब तक ‘जवाबदेही’ तय नहीं होगी, तब तक मासूम लोग इस लापरवाही का शिकार बनते रहेंगे। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि यहाँ न कोई इस्तीफा देता है और न ही किसी की अंतरात्मा जागती है।
पुलिस का एक्शन और सरकार का ‘संयुक्त निरीक्षण’
मामले की गंभीरता को देखते हुए दिल्ली पुलिस ने ठेकेदार और दिल्ली जल बोर्ड के संबंधित अधिकारियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 105 (गैर इरादतन हत्या) के तहत FIR दर्ज कर ली है। वहीं, दिल्ली सरकार भी अब हरकत में आई है। शहरी विकास मंत्री आशीष सूद शनिवार (7 फरवरी 2026) की सुबह 10 बजे घटनास्थल का संयुक्त निरीक्षण करेंगे। इस दौरान PWD, जल बोर्ड, ट्रैफिक पुलिस और MCD के आला अधिकारी मौजूद रहेंगे।
परिजनों ने जताया साजिश का शक कमल की मौत से उसके परिवार में मातम पसरा है। मृतक के परिजनों ने दिल्ली जल बोर्ड पर सीधे तौर पर लापरवाही का आरोप लगाया है। परिवार का कहना है कि न तो वहाँ कोई बैरिकेडिंग थी और न ही कोई चेतावनी बोर्ड। परिजनों ने कमल की मौत में किसी साजिश की आशंका भी जताई है, जिसकी पुलिस जांच कर रही है।