नई दिल्ली: लोकसभा में बजट सत्र की शुरुआत के बाद से ही सत्तापक्ष और विपक्ष के बीच तलवारें खिंच गई हैं। सदन के भीतर का माहौल इतना गरमा गया है कि अब विपक्षी दल लोकसभा स्पीकर ओम बिरला के खिलाफ ही अविश्वास प्रस्ताव लाने की बड़ी योजना बना रहे हैं। भारतीय संसदीय इतिहास में यह एक दुर्लभ और बड़ा कदम माना जा रहा है, जिसने देश की राजनीति में हलचल पैदा कर दी है।
जनरल नरवणे की किताब पर छिड़ा असली ‘रार’
इस पूरे विवाद की जड़ में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी की एक मांग है। राहुल गांधी ने सदन में भारत के पूर्व सेना प्रमुख जनरल मनोज मुकुंद नरवणे की एक अप्रकाशित किताब (Unpublished Memoir) के संदर्भों को पेश करने की इजाजत मांगी थी। राहुल गांधी चाहते थे कि इस किताब में किए गए दावों पर चर्चा हो, लेकिन स्पीकर ओम बिरला ने इसे नियमों का हवाला देते हुए नामंजूर कर दिया। स्पीकर का कहना था कि राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव के दौरान किसी बाहरी किताब या रिपोर्ट पर चर्चा नहीं की जा सकती।
“पक्षपात कर रहे हैं स्पीकर”: विपक्षी सांसदों का बड़ा आरोप
न्यूज एजेंसी ANI के सूत्रों के अनुसार, विपक्षी सांसदों का धैर्य अब जवाब दे रहा है। उनका सीधा आरोप है कि स्पीकर ओम बिरला सदन की कार्यवाही के दौरान ‘पक्षपात’ करते हैं। विपक्ष का कहना है कि उन्हें महत्वपूर्ण मुद्दों पर बोलने नहीं दिया जाता और उनके माइक बंद कर दिए जाते हैं। सांसदों ने तर्क दिया है कि सदन में सभी सदस्यों को समान अवसर मिलने चाहिए, लेकिन फिलहाल ऐसा नहीं हो रहा है। इसी नाराजगी के चलते अब विपक्ष एकजुट होकर स्पीकर के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लाने की तैयारी में है।