जयपुर: राजस्थान के लाखों सरकारी कर्मचारियों और पेंशनर्स के लिए खुशियों वाली खबर सामने आ रही है। भजनलाल सरकार ने केंद्र की राह पर चलते हुए 8वें राज्य वेतन आयोग (8th State Pay Commission) के गठन की तैयारियां तेज कर दी हैं। सरकार के इस कदम से राज्य के प्रशासनिक गलियारों में हलचल शुरू हो गई है, क्योंकि यह सीधे तौर पर कर्मचारियों की सैलरी और उनकी आर्थिक स्थिति में बड़े बदलाव का संकेत है। यह कमेटी केंद्र के 8वें वेतन आयोग की तर्ज पर ही काम करेगी और राज्य कर्मचारियों के वेतन, भत्तों और पेंशन के मौजूदा ढांचे की बारीकी से समीक्षा करेगी।
महंगाई के दौर में सैलरी में होगा बंपर इजाफा
इस नए आयोग का सबसे अहम काम यह तय करना होगा कि मौजूदा समय में आसमान छूती महंगाई को देखते हुए कर्मचारियों की न्यूनतम सैलरी (Basic Pay) और पेंशन में कितनी बढ़ोतरी की जरूरत है। सरकार का मुख्य उद्देश्य कर्मचारियों के वेतन को आज की बाजार कीमतों और जीवन स्तर के अनुकूल बनाना है। आयोग की सिफारिशें लागू होने के बाद कर्मचारियों को आर्थिक तंगी से बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है, जिससे उनके घर का बजट सुधर जाएगा।
भत्तों और प्रमोशन पर भी रहेगी नजर
सिर्फ बेसिक पे ही नहीं, बल्कि यह आयोग हाउस रेंट अलाउंस (HRA), मेडिकल भत्ते और अन्य सुविधाओं में भी बदलाव की सिफारिश कर सकता है। राज्य सरकार चाहती है कि कर्मचारियों को मिलने वाली सुविधाएं केंद्र के समान हों ताकि कार्यक्षमता में सुधार हो। भजनलाल सरकार के इस फैसले को आगामी चुनावों और कर्मचारी संतुष्टि के नजरिए से भी काफी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। जल्द ही इस कमेटी के सदस्यों के नामों का आधिकारिक ऐलान किया जा सकता है।