संभल से समाजवादी पार्टी के सांसद जियाउर्रहमान बर्क ने बुर्का पहनकर कांवड़ लाने वाली महिला को लेकर एक बड़ा और विवादित बयान दिया है। रविवार रात अपने दीपा सराय स्थित आवास पर मीडिया से रूबरू होते हुए सांसद ने कहा कि जो महिला दूसरे धर्म में शादी कर चुकी है और अब बुर्का पहनकर कांवड़ ला रही है, वह पूरी तरह से भ्रमित है। बर्क ने साफ तौर पर कहा कि ऐसी हरकतों से वह सिर्फ लोगों को गुमराह करने का काम कर रही है।
“धर्म बदल लिया तो ये नाटक क्यों?”
सांसद बर्क ने महिला की मंशा पर सवाल उठाते हुए कहा कि उसे धर्म और परंपराओं का जरा भी ज्ञान नहीं है। उन्होंने तंज कसते हुए पूछा कि जब महिला ने दूसरा धर्म अपना ही लिया है, तो कांवड़ यात्रा के दौरान बुर्का पहनकर वह क्या साबित करना चाहती है? उन्होंने आगे कहा, “वह कोई धर्मगुरु नहीं हैं। वह पहले भी इस तरह के कदम उठा चुकी हैं, जिसके कारण अब लोगों का उन पर से विश्वास पूरी तरह उठ चुका है।”
उत्तराखंड के दीपक कुमार की तारीफ
इसी बातचीत के दौरान सांसद ने उत्तराखंड के दीपक कुमार का उदाहरण देते हुए उनकी जमकर तारीफ की। बर्क ने कहा कि दीपक ने जुल्म और ज्यादती के खिलाफ आवाज उठाकर एक मिसाल कायम की है। उन्होंने स्पष्ट किया कि दीपक ने किसी मस्जिद के अंदर जाकर नमाज अदा नहीं की, बल्कि उन्होंने अन्याय के खिलाफ खड़े होकर भाईचारे का संदेश दिया है। सांसद के मुताबिक, दीपक का कदम धर्म नहीं, बल्कि इंसानियत को जोड़ने वाला है।
जनता से अपील: “गुमराह करने वालों को न दें तवज्जो”
सपा सांसद ने आम जनता और मीडिया से भी सजग रहने की अपील की। उन्होंने कहा कि लोगों को जागरूक होना चाहिए और ऐसे व्यक्तियों को ज्यादा बढ़ावा नहीं देना चाहिए जो समाज को गुमराह करने की कोशिश करते हैं। बर्क ने अंत में दोहराया कि बुर्का पहनकर कांवड़ लाना केवल एक पब्लिसिटी स्टंट या अज्ञानता का परिणाम है, जिसे गंभीरता से नहीं लिया जाना चाहिए।