लखनऊ: उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में इन दिनों नगर निगम ‘फुल एक्शन मोड’ में नजर आ रहा है। प्रॉपर्टी टैक्स की वसूली को लेकर प्रशासन ने अब कड़ा रुख अख्तियार कर लिया है, जिसकी जद में खुद लखनऊ विकास प्राधिकरण (LDA) भी आ गया है। टैक्स के भारी-भरकम बकाया को लेकर नगर निगम ने बड़ी कार्रवाई करते हुए LDA की इमारतों को सील कर दिया है, जिससे पूरे प्रशासनिक महकमे में हड़कंप मच गया है।
नगर निगम का कड़ा प्रहार: LDA पर चला ‘पीला पंजा’
नगर निगम के जोन 2 और जोन 3 में इन दिनों टैक्स चोरी और बकायेदारों के खिलाफ युद्ध स्तर पर अभियान जारी है। नगर आयुक्त के सख्त निर्देशों के बाद अधिकारियों ने मैदान संभाल लिया है। ताजा कार्रवाई अलीगंज इलाके में देखने को मिली, जहाँ बकाया टैक्स की वसूली न होने पर दो बड़े स्टोर और एक सामुदायिक केंद्र को पूरी तरह सील कर दिया गया। ताज्जुब की बात यह है कि जिस LDA पर शहर के सुनियोजित विकास की जिम्मेदारी है, वही टैक्स जमा करने के मामले में फिसड्डी साबित हो रहा था।
68 लाख का भारी बकाया और मौके पर सीलिंग की कार्रवाई
विभागीय सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, LDA की इन संपत्तियों पर करीब 68 लाख रुपये का प्रॉपर्टी टैक्स लंबे समय से बकाया था। नगर निगम द्वारा बार-बार नोटिस दिए जाने के बावजूद जब भुगतान की दिशा में कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया, तो जोनल अधिकारी आकाश कुमार और उनकी टीम ने मौके पर पहुंचकर सीलिंग की प्रक्रिया को अंजाम दिया। टैक्स अधीक्षक आलोक श्रीवास्तव ने इस कार्रवाई की पुष्टि करते हुए बताया कि नियम सभी के लिए समान हैं और बकायेदारों को बख्शा नहीं जाएगा।
एक्शन का दिखा असर: अब भुगतान के लिए गिड़गिड़ाया LDA!
नगर निगम की इस ‘सर्जिकल स्ट्राइक’ का असर भी तुरंत देखने को मिला है। जैसे ही करोड़ों की इमारतों पर नगर निगम का ताला लटका, वैसे ही LDA के अधिकारियों के हाथ-पांव फूल गए। सीलिंग की कार्रवाई के बाद अब लखनऊ विकास प्राधिकरण बैकफुट पर आ गया है और तुरंत बकाया टैक्स का भुगतान करने के लिए राजी हो गया है। माना जा रहा है कि जल्द ही चेक या ऑनलाइन माध्यम से भुगतान की प्रक्रिया पूरी कर ली जाएगी, जिसके बाद ही इन संपत्तियों को दोबारा खोला (डी-सील) जा सकेगा।