उत्तर प्रदेश में होने वाले पंचायत चुनावों को लेकर प्रशासन ने ‘फर्जी वोटरों’ के खिलाफ बड़ा अभियान छेड़ दिया है। मुरादाबाद जिले में एआई (Artificial Intelligence) की मदद से पकड़े गए संदिग्ध मतदाताओं की जांच में चौंकाने वाले खुलासे हुए हैं। बीएलओ (BLO) के सत्यापन के बाद अब तक 20 हजार से अधिक डुप्लीकेट मतदाताओं के नाम वोटर लिस्ट से काट दिए गए हैं। वहीं, चुनाव आयोग ने समय सीमा बढ़ाकर उन अधिकारियों को बड़ी राहत दी है, जो काम के बोझ तले दबे थे।
एआई (AI) ने पकड़ी गड़बड़ी: 4.65 लाख संदिग्धों पर थी नज़र
चुनाव आयोग ने तकनीक का सहारा लेते हुए मुरादाबाद के विभिन्न ब्लॉकों से करीब 4.65 लाख ऐसे नाम भेजे थे, जिनके डुप्लीकेट होने का शक था। बीएलओ अब तक इनमें से 3.25 लाख मतदाताओं का घर-घर जाकर सत्यापन कर चुके हैं।
- कुंदरकी ब्लॉक में सबसे ज्यादा 78,779 संदिग्ध मिले।
- बिलारी (64,261) और डिलारी (61,898) भी फर्जी वोटरों की लिस्ट में आगे रहे। उप जिला निर्वाचन अधिकारी संगीता गौतम ने पुष्टि की है कि सत्यापन के बाद 20 हजार से अधिक नाम फर्जी पाए गए और उन्हें तुरंत हटा दिया गया है। अभी भी 1.40 लाख मतदाताओं की जांच बाकी है।
तारीख बढ़ी, अधिकारियों ने ली राहत की सांस
बीएलओ के लिए सत्यापन कार्य पूरा करने की अंतिम तिथि पहले 20 फरवरी थी, जिसे अब बढ़ाकर 6 मार्च कर दिया गया है। इस ढील से प्रशासन को पूरी शुद्धता के साथ लिस्ट तैयार करने का मौका मिलेगा। हालांकि, काम में ढिलाई बरतने पर एडीएम प्रशासन ने बीडीओ मुरादाबाद को नोटिस भी थमाया है।
71 हजार नाम पहले ही हो चुके हैं साफ
यह पहली बार नहीं है जब मुरादाबाद में वोटर लिस्ट की सफाई हुई है। इससे पहले भी आयोग ने 2.35 लाख संदिग्धों की सूची भेजी थी, जिसमें से 71 हजार डुप्लीकेट वोटर मिले थे। इसके अलावा ‘एसआईआर अभियान’ के तहत जिले के 3.87 लाख वोटरों को हटाया गया था, जो या तो मृतक थे, कहीं और शिफ्ट हो गए थे या फिर अनुपस्थित थे। फिलहाल जिले में कुल मतदाताओं की संख्या 24.59 लाख है।
15 अप्रैल को आएगी अंतिम सूची, चुनाव टलने के संकेत?
चुनाव आयोग ने मतदाता पुनरीक्षण की समय सीमा दूसरी बार बढ़ाई है। अब दावों और आपत्तियों का निस्तारण 13 अप्रैल तक चलेगा और 15 अप्रैल को अंतिम मतदाता सूची का प्रकाशन किया जाएगा। बार-बार तारीखें आगे बढ़ने से अब इस बात की चर्चा तेज है कि पंचायत चुनाव अपने निर्धारित समय से आगे खिंच सकते हैं। राज्य निर्वाचन आयुक्त आरपी सिंह के मुताबिक, 17 मार्च से 13 अप्रैल के बीच मतदान केंद्रों का निर्धारण और वार्डों की मैपिंग जैसे महत्वपूर्ण काम किए जाएंगे।