मुरादाबाद के मूंढापांडे क्षेत्र में हुए सुमित हत्याकांड का पुलिस ने चौंकाने वाला खुलासा किया है। जिस दोस्त पर परिवार भरोसा कर रहा था, वही कातिल निकला। आरोपी आकाश, जो अखिल भारतीय क्षत्रिय महासभा का मीडिया प्रभारी भी है, उसने महज गाली-गलौज के विवाद में अपने जिगरी दोस्त सुमित का पेपर कटर से गला रेतकर कत्ल कर दिया। गुरुवार को पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है।
बाइक पर विवाद और फिर खूनी खेल
पुलिस पूछताछ में आरोपी आकाश ने बताया कि 10 फरवरी की शाम सुमित उसे हनुमान मूर्ति तिराहे पर मिला और मूंढापांडे जाने के लिए उसकी बाइक पर बैठ गया। सुमित नशे में था और बार-बार बाइक पर हिल रहा था, जिससे हादसा होते-होते बचा। जब आकाश ने उसे टोककर सही से बैठने को कहा, तो सुमित ने गाली-गलौज शुरू कर दी। यह बात आकाश को इतनी चुभी कि उसने निर्माणाधीन ओवरब्रिज के पास बाइक रोकी और अपनी जेब से पेपर कटर निकालकर सुमित का गला रेत दिया।
शातिर दिमाग: कत्ल के बाद परिजनों के साथ मिलकर तलाशा शव
आरोपी आकाश कितना शातिर था, इसका अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि हत्या करने के बाद वह डरा नहीं। अगले दिन जब सुमित का शव मिला, तो वह सबसे पहले शोक जताने वहां पहुंच गया। वह सुमित के परिवार का करीबी दोस्त था, इसलिए किसी को शक नहीं हुआ। हद तो तब हो गई जब वह इंसाफ दिलाने का नाटक करते हुए परिजनों के साथ थाने के चक्कर भी काटता रहा।
CCTV ने खोला राज, पुलिस को दो बार दिया चकमा
पुलिस के लिए यह गुत्थी सुलझाना आसान नहीं था। सीसीटीवी फुटेज में सुमित हनुमान मूर्ति के पास एक बाइक पर जाता दिखा। बाइक का नंबर निकाला गया तो वह आकाश की निकली। पुलिस ने उसे दो बार हिरासत में लिया, लेकिन वह इतना शातिर था कि हर बार पुलिस को गुमराह कर बच निकला। तीसरी बार में पुलिस ने पुख्ता सबूत और कड़ी पूछताछ के बाद उसे टूटने पर मजबूर कर दिया, जिसके बाद उसने सच उगल दिया।
अखिल भारतीय क्षत्रिय महासभा का पदाधिकारी है आरोपी
आरोपी आकाश की पहचान समाज में एक रसूखदार व्यक्ति के तौर पर थी। वह अखिल भारतीय क्षत्रिय महासभा का मीडिया प्रभारी भी है। पुलिस ने उसकी निशानदेही पर हत्या में इस्तेमाल किया गया पेपर कटर और सुमित का मोबाइल फोन बरामद कर लिया है। सुमित की पत्नी प्रियंका ने अज्ञात के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया था, उन्हें क्या पता था कि घर आने-जाने वाला दोस्त ही सुमित का काल बन जाएगा।