रामपुर/मिलक: उत्तर प्रदेश के रामपुर जिले के मिलक क्षेत्र में स्थित गांव निस्वी में उस वक्त हड़कंप मच गया, जब एक पुरानी मस्जिद के पुनर्निर्माण को लेकर दो समुदाय आमने-सामने आ गए। मंगलवार को दूसरे समुदाय के लोगों ने निर्माण कार्य पर गंभीर सवाल उठाते हुए जोरदार प्रदर्शन किया। देखते ही देखते विवाद इतना बढ़ गया कि बड़ी संख्या में लोग कोतवाली पहुंच गए और पुलिस के खिलाफ नारेबाजी करते हुए हंगामा शुरू कर दिया।
कोतवाली में हंगामा और पुलिस पर गंभीर आरोप
विवाद के बीच एक युवक ने पुलिस पर अभद्रता और मारपीट का बेहद गंभीर आरोप लगाया। निस्वी गांव के निवासी अरुण मौर्य का कहना है कि जब वह अपने साथियों के साथ इस मामले की शिकायत करने कोतवाली पहुंचे, तो वहां तैनात एक सिपाही ने उन्हें अंदर बुलाकर बिना किसी कारण थप्पड़ जड़ दिया और गाली-गलौज की। इतना ही नहीं, एक दरोगा पर भी अपमानजनक भाषा इस्तेमाल करने का आरोप लगा है।
एसपी का बड़ा एक्शन: दरोगा और सिपाही पर गिरी गाज
मामले की गंभीरता और लोगों के गुस्से को देखते हुए पुलिस अधीक्षक (SP) विद्यासागर मिश्र ने तुरंत कड़ा एक्शन लिया। उन्होंने युवक से अभद्रता करने के आरोप में दरोगा सचिन को लाइन हाजिर कर दिया और कांस्टेबल अंकित कुमार को तत्काल प्रभाव से निलंबित (Suspend) कर दिया। एएसपी अनुराग सिंह ने बताया कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की जा रही है और फिलहाल गांव में शांति बनी हुई है।
क्या है निर्माण को लेकर मुख्य विवाद?
विरोध करने वाले लोगों का आरोप है कि मस्जिद का पुनर्निर्माण नियमों को ताक पर रखकर किया जा रहा है। उनका दावा है कि:
- मस्जिद का क्षेत्रफल पहले से अधिक बढ़ाया जा रहा है।
- वहां नई मीनार का निर्माण किया जा रहा है, जो पहले मौजूद नहीं थी। ग्रामीणों का कहना है कि इससे गांव में तनाव की स्थिति पैदा हो सकती है। उन्होंने एसडीएम के नाम नायब तहसीलदार अंकित अवस्थी को ज्ञापन सौंपकर मामले की कानूनी जांच की मांग की है।
एहतियातन निर्माण कार्य बंद, गांव में पुलिस तैनात
तनावपूर्ण माहौल को देखते हुए पुलिस ने फिलहाल मस्जिद के निर्माण कार्य को रुकवा दिया है। सुरक्षा के लिहाज से गांव में पुलिस बल तैनात कर दिया गया है। इस दौरान बजरंग दल के जिला मंत्री अमृत गौड़ ने स्पष्ट किया कि कोई भी निर्माण नियमों के दायरे में ही होना चाहिए। यदि पहले मीनार नहीं थी, तो बिना प्रशासन की अनुमति के उसे नहीं बनाया जाना चाहिए।