रामपुर: उत्तर प्रदेश के रामपुर में बड़े कारोबारियों के ठिकानों पर आयकर विभाग (Income Tax) की छापेमारी से पूरे शहर के व्यापारिक जगत में खलबली मची हुई है। बृहस्पतिवार सुबह 8 बजे शुरू हुई यह कार्रवाई शुक्रवार को लगातार दूसरे दिन भी जारी रही। आयकर विभाग की टीमों ने शहर के नामचीन कारोबारियों नईम खां उर्फ बबलू और मुन्नन खां की तीन प्लाईवुड फैक्ट्रियों को अपने घेरे में ले लिया है। आपको बता दें कि नईम खां, मुरादाबाद के पूर्व सांसद और दिग्गज सपा नेता डॉ. एसटी हसन के समधी हैं।
CRPF के घेरे में फैक्ट्रियां, बाहर निकलने पर पाबंदी
बघौ औद्योगिक क्षेत्र स्थित एनजी प्लाईवुड, एमएन इंडस्ट्रीज और एमआई इंडस्ट्रीज के गेट पर दिल्ली से आई सीआरपीएफ (CRPF) की टीमें मुस्तैद हैं। जांच के दौरान किसी भी कर्मचारी या बाहरी व्यक्ति के अंदर जाने या बाहर आने पर पूरी तरह रोक लगा दी गई है। नौ गाड़ियों में भरकर आए आयकर अधिकारियों ने पहुंचते ही टीमों का बंटवारा किया और एक साथ तीनों फैक्ट्रियों के अंदर मौजूद दस्तावेजों को खंगालना शुरू कर दिया।
करोड़ों के लेनदेन और दस्तावेजों की बारीकी से जांच
सूत्रों के मुताबिक, यह कार्रवाई आयकर विभाग का एक बड़ा ‘सर्वे’ है, जिसमें फर्मों से जुड़े खरीद-फरोख्त, कारोबारी लेनदेन और भुगतान संबंधी रिकॉर्ड्स की गहनता से जांच की जा रही है। जांच टीम ने कई महत्वपूर्ण दस्तावेजों को अपने कब्जे में ले लिया है। फैक्ट्री मालिकों, नईम खां और मुन्नन खां से भी लंबी पूछताछ की जा रही है। इस कार्रवाई की खबर फैलते ही शहर के अन्य बड़े उद्यमियों में भी हड़कंप मच गया है। कई कारोबारियों ने संपर्क करने की कोशिश की, लेकिन जांच के चलते किसी का भी फोन रिसीव नहीं हो सका।
ED के छापे की उड़ी थी अफवाह
गुरुवार सुबह जब छापेमारी शुरू हुई, तो शुरुआत में पूरे शहर में चर्चा फैल गई कि यह प्रवर्तन निदेशालय (ED) का छापा है। हालांकि, बाद में स्पष्ट हुआ कि यह आयकर विभाग की कार्रवाई है। दिलचस्प बात यह है कि इस पूरी रेड की जानकारी स्थानीय पुलिस या प्रशासन को भी नहीं थी। टीम अपने साथ खुद का सुरक्षा दस्ता (CRPF) लेकर आई थी, जिससे कार्रवाई की गोपनीयता बनी रही। फिलहाल, आयकर अधिकारियों ने मीडिया से दूरी बना रखी है और जांच पूरी होने के बाद ही औपचारिक ब्रीफिंग की उम्मीद है।