देश में महंगाई के मोर्चे पर इन दिनों एक बड़ी ही अजीब स्थिति देखने को मिल रही है। एक तरफ बीते शुक्रवार को 19 किलोग्राम वाले कमर्शियल एलपीजी (LPG) सिलेंडर के दाम में 993 रुपये की भारी-भरकम बढ़ोतरी ने कारोबारियों की कमर तोड़ दी है, जो इस साल का सबसे बड़ा उछाल है। दूसरी ओर, अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल (Crude Oil) की कीमतें चार साल के रिकॉर्ड स्तर 126 डॉलर प्रति बैरल को पार कर गई हैं। ऐसे में आम आदमी के मन में बस एक ही सवाल कौंध रहा है—जब गैस महंगी हो रही है और कच्चा तेल आग उगल रहा है, तो पेट्रोल-डीजल के दाम अब तक क्यों नहीं बढ़े?
सोशल मीडिया पर दावों की बाढ़ और हकीकत
पिछले कुछ दिनों से इंटरनेट और सोशल मीडिया पर पेट्रोल-डीजल की कीमतों को लेकर तरह-तरह के फर्जी नोटिस और दावों की बाढ़ आई हुई है। विपक्षी दल भी हमलावर हैं और उनका कहना है कि विधानसभा चुनावों का शोर थमते ही तेल की कीमतें रॉकेट की तरह ऊपर भागेंगी। हालांकि, जमीनी हकीकत यह है कि पिछले साल मार्च में 2 रुपये की मामूली कटौती के बाद से ईंधन के दाम टस से मस नहीं हुए हैं। मार्च में घरेलू एलपीजी सिलेंडर के दाम 60 रुपये बढ़े थे, लेकिन उसके बाद से वहां भी शांति बनी हुई है।
आखिर क्यों थमी हुई हैं तेल की कीमतें?
यह सवाल हर किसी को परेशान कर रहा है कि तेल कंपनियां घाटा उठाकर भी दाम क्यों नहीं बढ़ा रही हैं? एक वरिष्ठ सरकारी अधिकारी ने दबे स्वर में संकेत दिए हैं कि कीमतों में इजाफा होना तो तय है, यह बस वक्त की बात है। फिलहाल सरकार ने इस पर लगाम लगा रखी है। गौर करने वाली बात यह है कि पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के कारण पिछले दो महीनों में कच्चा तेल 50% से ज्यादा महंगा हो चुका है। जानकारों के मुताबिक, दाम न बढ़ाने की वजह से तेल कंपनियों को हर दिन करीब 2,400 करोड़ रुपये का भारी नुकसान उठाना पड़ रहा है।
तेल कंपनियों का ‘मोटा मुनाफा’ आ रहा काम
इंडियन ऑयल, भारत पेट्रोलियम और हिंदुस्तान पेट्रोलियम जैसी सरकारी कंपनियां फिलहाल रूस-यूक्रेन युद्ध और वैश्विक उथल-पुथल के बीच फंसी हुई हैं। लेकिन इनके पास एक बड़ा ‘सुरक्षा कवच’ है। जब कच्चा तेल 70 डॉलर के आसपास था, तब इन कंपनियों ने जमकर चांदी काटी थी। वित्त वर्ष 2024 में इन तीनों कंपनियों ने कुल 86,000 करोड़ रुपये का ऐतिहासिक मुनाफा कमाया था। एक्सपर्ट्स का मानना है कि पिछले साल की यही बंपर कमाई अब कंपनियों को रोजाना होने वाले 2,400 करोड़ रुपये के घाटे को झेलने की ताकत दे रही है।
आज आपके शहर में क्या है पेट्रोल-डीजल का भाव?
राहत की बात यह है कि फिलहाल देश के बड़े शहरों में तेल की कीमतों में कोई बदलाव नहीं हुआ है। राजधानी दिल्ली में पेट्रोल 94.77 रुपये और डीजल 87.67 रुपये प्रति लीटर पर टिका है। मायानगरी मुंबई की बात करें तो यहाँ पेट्रोल 103.54 रुपये और डीजल 90.03 रुपये मिल रहा है। कोलकाता में पेट्रोल की कीमत 105.45 रुपये और चेन्नई में 100.80 रुपये प्रति लीटर है। वहीं बेंगलुरु (102.92), भुवनेश्वर (101.10) और चंडीगढ़ (94.30) में भी रेट स्थिर बने हुए हैं।