मुरादाबाद/ठाकुरद्वारा: उत्तर प्रदेश के मुरादाबाद जिले के ठाकुरद्वारा में पिछले दो दिनों से चल रहा सियासी और जमीनी घमासान अब एक बड़े कानूनी युद्ध में बदल चुका है। शनिवार को जिस जमीन विवाद ने चिंगारी का काम किया था, वह रविवार रात आते-आते एक भीषण आग बन गया। पुलिस ने ठाकुरद्वारा नगर पालिका अध्यक्ष इरफान सैफी और दो अन्य अज्ञात लोगों के खिलाफ 50 लाख रुपये की रंगदारी मांगने के आरोप में मुकदमा दर्ज कर लिया है। इस बड़ी कार्रवाई के बाद पूरे जिले की राजनीति में भूचाल आ गया है।
यह पूरी कार्रवाई ‘परख ज्वैलर्स’ के मालिक और प्रतिष्ठित व्यापारी अवनीश कुमार सिंघल की शिकायत पर हुई है। व्यापारी का आरोप है कि पालिकाध्यक्ष उन्हें पिछले कई महीनों से न केवल मानसिक रूप से प्रताड़ित कर रहे थे, बल्कि मोटी रकम के लिए धमका भी रहे थे।
देर रात दर्ज हुई FIR: पुलिसिया कार्रवाई की इनसाइड स्टोरी
रविवार रात करीब 11 बजे के बाद जब कोतवाली में हलचल बढ़ी, तो साफ हो गया कि पुलिस अब आर-पार के मूड में है। शनिवार को हुए जबरदस्त हंगामे, नारेबाजी और भाजपा नेताओं के कोतवाली घेराव के बाद पुलिस प्रशासन पर कड़ी कार्रवाई का दबाव था। साक्ष्यों और लिखित तहरीर के आधार पर पुलिस ने रंगदारी (Extortion) और जान से मारने की धमकी जैसी संगीन धाराओं में केस दर्ज किया है।
विवाद की शुरुआत शनिवार को तब हुई थी जब नगर पालिका की टीम पुलिस के साथ कोतवाली के ठीक सामने स्थित व्यापारी की जमीन पर ‘खोखा’ (कैबिन) रखने पहुंची थी। व्यापारी का दावा है कि यह उनकी पैतृक संपत्ति है, जबकि प्रशासन इसे सरकारी जमीन बता रहा था।
व्यापारी का सनसनीखेज खुलासा: ‘महीनों से मिल रही थी धमकी’
व्यापारी अवनीश कुमार सिंघल ने पुलिस को दी तहरीर में बेहद चौंकाने वाले आरोप लगाए हैं। उन्होंने बताया कि यह सिर्फ एक मामूली जमीन का झगड़ा नहीं है, बल्कि इसके पीछे आर्थिक उगाही का बड़ा खेल है। सिंघल के मुताबिक, “पालिकाध्यक्ष इरफान सैफी पिछले 4 महीनों से उन पर 50 लाख रुपये देने का दबाव बना रहे थे।”
व्यापारी का दावा है कि रविवार की कार्रवाई से पहले उन्हें शनिवार सुबह एक अल्टीमेटम दिया गया था। उनसे कहा गया कि अगर उन्होंने पैसे नहीं दिए, तो उनकी दुकान के सामने सरकारी कब्जा बताकर रास्ता बंद कर दिया जाएगा। जब व्यापारी ने झुकने से इनकार किया, तो कुछ ही घंटों में नगर पालिका का ट्रैक्टर-ट्रॉली और कैबिन मौके पर पहुंच गया।
पालिकाध्यक्ष इरफान सैफी का पलटवार: “कॉल रिकॉर्ड्स की हो जांच”
दूसरी तरफ, मुकदमा दर्ज होने के बाद पालिकाध्यक्ष इरफान सैफी ने खुद को बेकसूर बताते हुए इसे राजनीतिक साजिश करार दिया है। उन्होंने कड़े लहजे में कहा कि जिस जमीन की बात हो रही है, वह सरकारी खसरा नंबर 51 का हिस्सा है और नगर पालिका की मिल्कियत है।
सैफी ने चुनौती देते हुए कहा, “पुलिस मेरे और शिकायतकर्ता के कॉल रिकॉर्ड्स और मोबाइल लोकेशन की जांच करे। मैंने न कभी उनसे बात की और न ही पैसे मांगे।” उनका तर्क है कि वे केवल सरकारी संपत्ति को अतिक्रमण मुक्त करा रहे थे, लेकिन इस मामले को जानबूझकर ‘रंगदारी’ का मोड़ दे दिया गया ताकि उनकी छवि खराब की जा सके।
ठाकुरद्वारा में भारी पुलिस बल तैनात, सियासत गरमाई
इस मुकदमे के बाद ठाकुरद्वारा की फिजां बदल गई है। जहां एक तरफ स्थानीय व्यापारी संगठन और भाजपा नेता इसे ‘गुंडागर्दी’ के अंत की शुरुआत बता रहे हैं, वहीं दूसरी ओर विपक्षी खेमा इसे सत्ता का दुरुपयोग बता रहा है। पुलिस अब गवाहों के बयान दर्ज करने और साक्ष्य जुटाने में लगी है। मुरादाबाद पुलिस के अधिकारियों का कहना है कि कानून अपना काम निष्पक्षता से करेगा, लेकिन अगर आरोप सच पाए गए तो गिरफ्तारी तय है। फिलहाल, इलाके में शांति बनाए रखने के लिए भारी पुलिस फोर्स तैनात कर दी गई है।