मुरादाबाद: उत्तर प्रदेश के मुरादाबाद जिले के ठाकुरद्वारा से एक ऐसी खबर सामने आई है जिसने नगर पालिका और स्थानीय प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवालिया निशान लगा दिए हैं। ठाकुरद्वारा नगर पालिका परिषद के चेयरमैन मोहम्मद इरफान पर एक अधिवक्ता ने नक्शा पास कराने के बदले 5 लाख रुपये की भारी-भरकम रिश्वत मांगने का सनसनीखेज आरोप लगाया है। पीड़ित का दावा है कि सरकारी फीस भरने के बाद भी उन्हें मानसिक रूप से प्रताड़ित किया जा रहा है।
यह मामला तब गरमाया जब पीड़ित मुमताज आलम सैफी ने पुलिस क्षेत्राधिकारी (CO) ठाकुरद्वारा को शिकायती पत्र सौंपकर चेयरमैन के खिलाफ मोर्चा खोल दिया। मुमताज का आरोप है कि चेयरमैन न केवल अवैध वसूली की मांग कर रहे हैं, बल्कि पैसा न देने पर उनकी जमीन पर हुए निर्माण को गिरवाने और कब्जा करने की धमकी भी दे रहे हैं।
सरकारी रसीद जेब में, फिर भी नहीं मिला न्याय
पीड़ित मुमताज आलम के मुताबिक, उन्होंने मोहल्ला फतेहउल्लागंज स्थित अपने एक प्लॉट का नक्शा पास कराने के लिए नगर पालिका में विधिवत आवेदन किया था। उन्होंने 6 जून 2023 को निर्धारित सरकारी शुल्क 24,050 रुपये भी जमा कर दिए थे। मुमताज को लगा था कि रसीद कटने के बाद काम नियम से हो जाएगा, लेकिन उन्हें क्या पता था कि असली खेल तो अब शुरू होने वाला है।
आरोप है कि जब मुमताज ने नक्शे के बारे में जानकारी ली, तो उन्हें चेयरमैन साहब से मिलने की सलाह दी गई। मुमताज का दावा है कि 7 जून 2023 को जब वह चेयरमैन मोहम्मद इरफान के दफ्तर पहुंचे, तो वहां सीधे तौर पर 5 लाख रुपये की ‘अवैध’ मांग रख दी गई।
“करोड़ों की जमीन है, मेरी सेवा तो करनी पड़ेगी”
शिकायती पत्र में किए गए दावों ने सबको चौंका दिया है। आरोप के मुताबिक, चेयरमैन ने मुमताज से कहा कि उनकी जमीन बहुत कीमती है और नक्शा पास होने के बाद इसकी वैल्यू करोड़ों में पहुंच जाएगी। मुमताज का कहना है कि चेयरमैन ने दो टूक शब्दों में कहा— “इतनी महंगी जमीन है, तो मेरी ‘सेवा’ तो करनी ही पड़ेगी।”
जब मुमताज ने इतनी बड़ी रकम देने से मना किया, तो कथित तौर पर उन्हें अंजाम भुगतने की धमकी दी गई। आरोप है कि चेयरमैन ने पावर का हवाला देते हुए कहा कि बिना पैसे के न तो नक्शा पास होगा और न ही वहां कोई निर्माण टिक पाएगा।
धमकी और प्रताड़ना से सहमा पीड़ित परिवार
पिछले कई महीनों से मुमताज आलम नगर पालिका के चक्कर काट-काटकर हार चुके हैं। उनका कहना है कि चेयरमैन के रसूख के कारण उनका जायज काम भी लटका हुआ है। इतना ही नहीं, पीड़ित ने यह भी आरोप लगाया कि चेयरमैन के आदमी उनकी जमीन पर पहुंचकर निर्माण गिराने की कोशिश कर चुके हैं, जिससे उनका पूरा परिवार दहशत में है।
अब इस मामले में पीड़ित ने पुलिस प्रशासन से न्याय की गुहार लगाई है और चेयरमैन मोहम्मद इरफान के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने की मांग की है। ठाकुरद्वारा में इस भ्रष्टाचार के आरोपों को लेकर चर्चाओं का बाजार गर्म है। अब देखना यह है कि प्रशासन इस हाई-प्रोफाइल शिकायत पर क्या एक्शन लेता है।