बाराबंकी : उत्तर प्रदेश के बाराबंकी जिले से एक ऐसी रूह कंपा देने वाली खबर सामने आई है, जिसने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया है। शनिवार की सुबह फतेहपुर-भनौली मार्ग पर एक ऐसा दर्दनाक हादसा हुआ, जिसे देखकर हर किसी की आंखें नम हो गईं। यहां ग्राम झांसा के पास सड़क किनारे मच्छरदानी लगाकर शांति से सो रहे एक ही परिवार के पांच लोगों को एक बेकाबू डंपर ने बेरहमी से कुचल दिया। इस दिल दहला देने वाले हादसे में पिता, दो बेटों और एक मासूम बेटी की मौके पर और अस्पताल ले जाते समय मौत हो गई, जबकि बच्चों की मां इस वक्त अस्पताल में जिंदगी और मौत के बीच जूझ रही है। इस घटना के बाद से पूरे गांव में मातम पसरा हुआ है।
भीषण गर्मी बनी काल, घर के बाहर सोने को मजबूर था परिवार
दिल को झकझोर देने वाली यह घटना फतेहपुर कोतवाली क्षेत्र के ग्राम झांसा की है। यहां रहने वाले नीरज चौहान (36 वर्ष) इन दिनों पड़ रही भीषण और उमस भरी गर्मी के कारण बेहद परेशान थे। घर के भीतर दम घुटने जैसी गर्मी होने की वजह से वह अपनी पत्नी आरती चौहान (34 वर्ष), बड़े बेटे अनुराग (12 वर्ष), छोटे बेटे आशू (8 वर्ष) और बेटी अंशिका (10 वर्ष) के साथ घर के बाहर सड़क किनारे जमीन पर मच्छरदानी लगाकर सोए हुए थे। पूरा परिवार चैन की नींद सो रहा था और उन्हें अंदाजा भी नहीं था कि कुछ ही देर में उनके साथ क्या होने वाला है।
सुबह तीन बजे डंपर ने ढाया मौत का कहर
तड़के सुबह करीब तीन बजे, जब पूरा इलाका गहरी नींद में था, तभी महमूदाबाद की तरफ से आ रहे एक बेहद तेज रफ्तार डंपर ने अपना संतुलन खो दिया। डंपर सीधे सड़क किनारे सो रहे इस परिवार के ऊपर चढ़ गया और पूरी मच्छरदानी को रौंदते हुए निकल गया। हादसा इतना भयानक और खौफनाक था कि 36 वर्षीय नीरज चौहान और उनके 12 साल के बड़े बेटे अनुराग की मौके पर ही तड़प-तड़पकर जान चली गई।
चीख-पुकार सुनकर दौड़े ग्रामीण, रास्ते में दो और मासूमों ने तोड़ा दम
डंपर के कुचलने के बाद मौके पर चीख-पुकार मच गई। आवाज सुनकर आसपास के ग्रामीण तुरंत घटना स्थल की तरफ दौड़े। वहां का मंजर देखकर लोगों के होश उड़ गए। ग्रामीणों ने बिना वक्त गंवाए गंभीर रूप से घायल मां आरती, बेटी अंशिका और बेटे आशू को तुरंत नजदीकी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC) पहुंचाया। डॉक्टरों ने प्राथमिक उपचार के बाद तीनों की नाजुक हालत को देखते हुए उन्हें तुरंत जिला अस्पताल के लिए रेफर कर दिया। लेकिन अफसोस, जिला अस्पताल ले जाते समय रास्ते में ही मासूम अंशिका और आशू ने भी दम तोड़ दिया।
एक पल में उजड़ गई हंसती-खेलती दुनिया, पुलिस जांच में जुटी
इस दर्दनाक हादसे ने हंसते-खेलते परिवार को एक झटके में खत्म कर दिया। गांव में हर तरफ सिर्फ रोने-बिलखने की आवाजें आ रही हैं और लोगों का कहना है कि भगवान ऐसा दिन किसी को न दिखाए। घायल मां आरती अभी भी अस्पताल में अपनी आखिरी सांसों के लिए लड़ रही है, जबकि उसके घर की खुशियां हमेशा के लिए मातम में बदल चुकी हैं। घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस बल मौके पर पहुंच गया। पुलिस ने आरोपी डंपर को अपने कब्जे में ले लिया है और चारों शवों को पंचनामा भरकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। पुलिस मामले की गहनता से जांच कर रही है।