आगरा: दुनिया के सात अजूबों में शुमार ताजमहल से जुड़ी एक बड़ी खबर सामने आई है। मुगल शहंशाह शाहजहां का 371वां सालाना उर्स इस साल 15 जनवरी से 17 जनवरी तक बड़े ही धूमधाम से मनाया जाएगा। इस मौके पर पर्यटकों के लिए एक खास तोहफा भी है—उर्स के इन तीन दिनों के दौरान ताजमहल में प्रवेश पूरी तरह निशुल्क रहेगा। सबसे खास बात यह है कि इस दौरान सैलानी शाहजहां और मुमताज की उन असली कब्रों का दीदार भी कर सकेंगे, जो साल भर बंद रहती हैं।
1720 मीटर लंबी सतरंगी चादर बनेगी आकर्षण का केंद्र
उर्स के आखिरी दिन यानी 17 जनवरी को ताजमहल में सर्वधर्म सद्भाव का अनोखा नजारा देखने को मिलेगा। खुद्दाम-ए-रोजा कमेटी की ओर से इस बार 1720 मीटर लंबी सतरंगी हिंदुस्तानी चादर चढ़ाई जाएगी। यह विशाल चादर हनुमान मंदिर से शुरू होकर मुख्य मकबरे तक ले जाई जाएगी। इसके बाद इसे मुख्य गुंबद के नीचे तहखाने में स्थित शाहजहां और मुमताज की असली कब्रों पर पेश किया जाएगा। यह पल बेहद खास होता है क्योंकि इसे देखने के लिए देश-दुनिया से लोग आगरा पहुँचते हैं।
असली कब्रें देखने का सुनहरा मौका
आमतौर पर पर्यटक ताजमहल के मुख्य प्लेटफॉर्म पर बनी नकली कब्रों को ही देख पाते हैं, लेकिन उर्स के इन तीन दिनों में तहखाने का दरवाजा खोल दिया जाता है। साल में केवल इन्हीं तीन दिनों के लिए शाहजहां और मुमताज की असली कब्रों को आम जनता के लिए खोला जाता है। भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (ASI) के आगरा सर्किल ने इसके लिए आधिकारिक आदेश जारी कर दिए हैं।
जानें कब और कैसे मिलेगा फ्री एंट्री का लाभ
अगर आप भी इस दौरान ताजमहल जाने का प्लान बना रहे हैं, तो समय का खास ख्याल रखें। 15 और 16 जनवरी को दोपहर 2 बजे से सूर्यास्त तक सैलानियों को मुफ्त प्रवेश मिलेगा। वहीं, उर्स के आखिरी दिन यानी 17 जनवरी को सूर्योदय से लेकर सूर्यास्त तक एंट्री बिल्कुल फ्री रहेगी। ध्यान देने वाली बात यह है कि शुक्रवार को ताजमहल में साप्ताहिक बंदी रहती है और उस दिन केवल स्थानीय नमाजियों को ही प्रवेश की अनुमति दी जाती है।